अंतर्राष्ट्रीय धर्मसम्मेलन के समापन में रहेंगे श्री श्री

भोपाल, अक्टूबर 2015/ इन्दौर में गत 24 अक्टूबर से आयोजित तीन दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय धर्म-धम्म सम्मेलन का समापन 26 अक्टूबर को दोपहर डेढ़ बजे आर्ट आफ लिविंग के संस्थापक, अध्यात्मिक गुरू श्री श्री रविशंकरजी की उपस्थिति में होगा। ‘मानव कल्याण के लिये धर्म’ पर केन्द्रित इस सम्मेलन के समापन कार्यक्रम की अध्यक्षता मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान करेंगे। केन्द्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री डॉ. महेश शर्मा मुख्य अतिथि होंगे। विशेष अतिथि के रूप में सेन्ट्रल तिब्बत एडमिनिस्ट्रेशन धर्मशाला के सिकयोंग डॉ. लोबसांग सांगे तथा प्रदेश के संस्कृति एवं पर्यटन राज्य मंत्री श्री सुरेन्द्र पटवा होंगे।

राज्य शासन के संस्कृति विभाग, साँची बौध्द-भारतीय ज्ञान अध्ययन विश्वविद्यालय और सेंटर फॉर स्टेडी ऑफ रिलीजन एण्ड सोसायटी के तत्वाधान में इस वैचारिक महाकुंभ में विश्व के प्रमुख धर्मों के धर्माचार्य और शिक्षा जगत की जानी-मानी विभूतियाँ अपने-अपने धर्मों और मान्यताओं के आधार पर विश्व शांति, सामाजिक न्याय, मानव सेवा, ज्ञान व अध्यात्म जैसे विषयों पर चिंतन-मनन कर रहे हैं। सिर्फ धर्माचार्य ही नहीं बल्कि दर्शन क्षेत्र के मनीषियों ने भी इन गंभीर और चिंतनीय विषयों पर अपने शोध पत्र प्रस्तुत किये।

सम्मेलन में अमेरिका, जापान, चीन, दक्षिण कोरिया, भूटान, श्रीलंका, कम्बोडिया, थाईलैण्ड, ताईवान, म्यांमार, नेपाल, सिंगापुर सहित 29 देश के 180 धर्मगुरू सहित करीब एक हजार विशिष्ट विद्वान शामिल हुए।

इस आयोजन में मुख्य सत्र के साथ प्रतिदिन 6 मुख्य सत्र हुए। इनमें विश्व शांति, पर्यावरण एवं प्रकृति, मानव गौरव, बहुवचनवाद यानी सभी धर्मों के मानने वाले लोगों का सह-अस्तित्व, नैतिक और आध्यात्मिक मूल्य जैसे मानव संस्कृति, सभ्यता एवं जीवनोपयोगी विविध विषय पर चर्चा हुई। सम्मेलन में धार्मिक समन्वय में मानव की भूमिका, धर्मों में समन्वय मानवता का कल्याण, धर्म मानव गरिमा की रक्षा के लिये, व्यक्तित्व निर्माण में नैतिक मूल्यों की प्रासंगिकता, धर्म का विज्ञान-विश्व शांति की कुंजी, साम्प्रदायिक सौहार्द में विपश्यना की भूमिका, विकास की राह है धर्म, संबंधी विषय पर 160 से अधिक शोध-पत्र प्रस्तुत किये गये।

सिंहस्थ घोषणा पत्र अगले वर्ष

मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने बताया कि अगले वर्ष सिंहस्थ महापर्व के दौरान 12 से 14 मई तक उज्जैन में इसी तरह का एक और आध्यात्मिक विचार मंथन का महाकुंभ होगा। इसमें देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी इन वैचारिक महासम्मेलनों में धर्माचार्यों तथा विद्वनजनों के विचार-मंथन से प्राप्त अमृत को सिंहस्थ घोषणा-पत्र के रूप में जारी करेंगे।

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