अध्यापक संवर्ग को सरकारी शिक्षकों के समान वेतन

भोपाल, अगस्‍त 2013/ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में सम्पन्न मंत्रि-परिषद की बैठक में अध्यापक संवर्ग की वेतन संरचना में परिवर्तन का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणा के परिप्रेक्ष्य में लिये गये इस निर्णय के अनुसार पंचायतों और नगरीय निकायों में नियुक्त अध्यापक संवर्ग की वेतन संरचना राज्य शासन के शिक्षक संवर्ग के समान की गई है। वर्तमान स्थिति में अंतर की राशि आगामी 4 वार्षिक किस्त में अंतरिम राहत के रूप में दी जायेगी। इस पर प्रतिवर्ष 400 करोड़ रुपये का खर्च आयेगा।

अजा-अजजा विद्यार्थियों की शुल्क प्रतिपूर्ति

मंत्रि-परिषद् ने अशासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत अनुसूचित-जाति एवं जनजाति के एमबीबीएस, बीडीएस, इंजीनियरिंग, नर्सिंग, बी.एड., पॉलीटेक्निक डिप्लोमा, फार्मेसी में अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों के शुल्कों की भी प्रतिपूर्ति करने का निर्णय लिया। अब अनुसूचित-जाति एवं जनजाति के ऐसे विद्यार्थियों को भी आवास सहायता मिलेगी जिन्हें पोस्ट मेट्रिक छात्रावासों में प्रवेश नहीं मिल पाता। एयर टर्बाइन फ्यूल (ए.टी.एफ.) पर वेट की दर घटाकर 5 प्रतिशत करने का निर्णय लिया।

सामाजिक संस्थाओं को भूमि

मंत्रि-परिषद् ने सामाजिक, सांस्कृतिक और परोपकार के काम में लगी हुई संस्थाओं को भूमि-आवंटन के संबंध में नीति का अनुमोदन किया। निर्णय के अनुसार आवंटित भूमि पर 25 प्रतिशत प्रीमियम और 25 प्रतिशत का 5 प्रतिशत भू-भाटक लिया जायेगा। भूमि आवंटन के लिये संस्थाओं द्वारा कलेक्टर को विहित प्रारूप में आवश्यक जानकारियों के साथ आवेदन करना होगा। कलेक्टर परीक्षण के बाद पारदर्शी प्रक्रिया का पालन करते हुए भूमि का आवंटन करेंगे। आवंटित भूमि पर संस्था द्वारा वाणिज्यिक गतिविधियाँ संचालित नहीं की जा सकेंगी और भूमि पर एक वर्ष के भीतर निर्माण कार्य प्रारंभ कर उसे 3 वर्ष में पूरा करना होगा।

आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ा

मंत्रि-परिषद् ने आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का अतिरिक्त मानदेय 1000 रुपये से बढ़ाकर 2000 रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया। साथ ही आँगनवाड़ी सहायिका का मानदेय 500 रुपये प्रतिमाह से बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह और उप आँगनवाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाकर 1000 रुपये प्रतिमाह करने का निर्णय लिया।

राज्यपाल के विवेकाधीन अनुदान मद की राशि 30 लाख रुपये वार्षिक से बढ़ाकर एक करोड़ रुपये वार्षिक कर दी गई है। राज्यपाल इसमें से 25 प्रतिशत राशि प्रदेश के बाहर के व्यक्तियों को भी स्वीकृत कर सकते हैं। इसके अलावा गोदाम निर्माण के लिए राज्य सहकारी विपणन संघ मर्यादित और प्राथमिक विपणन सहकारी समितियों को नि:शुल्क भूमि आवंटित करने का निर्णय लिया। 

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