इन्द्र देवता की मेहरबानी, प्रदेश के जलाशय लबालब

एक जून से 31 अगस्त तक तीन माह की अवधि में मध्यप्रदेश में अच्छी वर्षा के फलस्वरुप प्रमुख जलाशय, बाँध और नदियाँ पर्याप्त भर गई हैं। बरगी जलाशय 403 मीटर, गाँधी सागर जलाशय 381 मीटर, बारना जलाशय 338 मीटर, इंदिरा सागर जलाशय 243 मीटर, बाणसागर जलाशय 323 मीटर, तवा जलाशय 334 मीटर, संजय सरोवर 308 मीटर भर चुका है। यह जल-स्तर जलाशयों के पूर्ण जल-स्तर के आस-पास है। प्रदेश में बीते तीन माह में औसत 823 मिलीमीटर वर्षा रिकार्ड हुई है जो इस अवधि की सामान्य वर्षा 766 मिली मीटर से अधिक है।

राजधानी भोपाल को काफी हद तक पेयजल प्रदाय करने वाले कोलार बाँध में वर्तमान जल-स्तर 429.93 हो गया है। इस बाँध की अधिकतम भराव क्षमता 462.20 मीटर है।

प्रदेश की प्रमुख नदियों के जल-स्तर पर नजर डालें तो नर्मदा नदी का जल-स्तर होशंगाबाद में 286 मीटर, बरमान घाट में 312 मीटर, चंबल नदी का जल-स्तर – नागदा में 451 मीटर, बेतवा नदी का जल-स्तर नीमखेड़ा में 417 मीटर, सिंध नदी का जल-स्तर अमोला में 345 मीटर, पार्वती नदी का जल-स्तर मकसूदनगढ़ में 404 मीटर और टमस नदी का जल-स्तर पटेरा में 122 मीटर है।

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