पारम्परिक कारीगरों को ऋण मंजूरी में प्राथमिकता

भोपाल, मार्च 2013/ मुख्य सचिव आर. परशुराम ने पारंपरिक रूप से कार्य करने वाले कारीगरों और हुनरमंद युवाओं के ऋण प्रकरण मंजूर करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने बैंकों से आग्रह किया कि आवास योजनाओं और उच्च शिक्षा ऋण योजनाओं में भी अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों की पूरी सहायता की जाए। पीढ़ी- दर- पीढ़ी शिल्प कार्यों से जुड़े लोगों, अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़ा वर्ग और अल्पसंख्यक वर्ग के लोगों को बैंकों द्वारा प्राथमिकता से ऋण योजनाओं का लाभ दिया जाए। मुख्य सचिव ने कहा कि अगली राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक में पारंपरिक शिल्पियों को ऋण योजनाओं एवं नई योजना मुख्यमंत्री युवा स्वरोजगार योजना से लाभान्वित करने, उनके उत्पाद को बाजार उपलब्ध करवाने और उनके आर्थिक उन्नयन के संबंध में विस्तृत चर्चा होगी।

मुख्य सचिव राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति की 150वीं बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर जानकारी दी गई कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया द्वारा वित्तीय समावेषन के मध्यप्रदेश मॉडल की प्रशंसा की गई है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार और राज्य शासन के विभागों एवं विभिन्न बैंकों के मध्य समन्वय को भी आरबीआई ने सराहा है।

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