ऊर्जा क्षेत्र में चुनौतियों से निपटने चरणबद्ध कार्य

भोपाल:22 मई। ऊर्जा राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) श्री राजेन्द्र शुक्ल ने राज्य योजना आयोग की आज यहाँ ऊर्जा विकास पर हुई बैठक में कहा कि राज्य में ऊर्जा क्षेत्र की वर्तमान चुनौतियों तथा संभावनाओं से निपटने के लिये चरणबद्ध कार्य किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा उपभोक्ताओं को सुचारु विद्युत प्रदाय के साथ ही बिजली के क्षेत्र में किये जा रहे प्रयासों के लिये कारगर कदम उठाये गये हैं। उपाध्यक्ष, राज्य योजना आयोग श्री बाबूलाल जैन ने बैठक की अध्यक्षता की।

श्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा बिजली का उत्पादन बढ़ाने को प्रमुखता देने के साथ ही, बिजली संयंत्रों के बेहतर रख-रखाव, वितरण, पारेषण, विद्युत प्रबंधन आदि पहलुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि फीडर विभक्तिकरण के साथ-साथ विभिन्न विद्युत परियोजनाओं की स्थापना का कार्य भी जारी है।

सचिव, ऊर्जा मोहम्मद सुलेमान ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2013 तक कृषि कार्य के लिये न्यूनतम 8 घंटे विद्युत आपूर्ति तथा ग्रामीण क्षेत्र के घरेलू उपभोक्ताओं को 24 घंटे विद्युत उपलब्धता का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने ऊर्जा क्षेत्र में शासन के प्रयासों से अवगत करवाया।

पूर्व अध्यक्ष राज्य विद्युत मण्डल श्री पी.एल. नैने ने कहा कि वितरण हानियों में कमी लाने के लिये प्रत्येक उपभोक्ता को मीटर के माध्यम से विद्युत प्रदाय किया जाये। उन्होंने शहरी क्षेत्रों में हानियों में कमी लाने के लिये झुग्गी-झोपड़ी क्षेत्रों में फ्रेंचाइजी के माध्यम से विद्युत व्यवस्था तथा वितरण ट्रांसफार्मर में खराबी की दर में कमी लाने के लिये अधिक क्षमता के ट्रांसफार्मर लगाने का सुझाव दिया। साथ ही कृषि उपभोक्ताओं के लिये डीटीआर मीटरिंग पर भी जोर दिया। उन्होंने विद्युत क्षेत्र की साध्यता के लिये उच्च-दाब उपभोक्ताओं का वितरण कम्पनियों में बने रहना अत्यंत महत्वपूर्ण बताया तथा उच्च-दाब उपभोक्ताओं की संख्या बढ़ाने एवं इस श्रेणी की खपत में वृद्धि के लिये विद्युत वितरण कम्पनियों द्वारा विशेष प्रयास करने का भी सुझाव दिया।

बैठक में जानकारी दी गई कि फीडर विभक्तिकरण योजना को हाथ में लिया गया है। सभी घरेलू उपभोक्ताओं को मीटर के माध्यम से कनेक्शन दिये जा रहे हैं। आगामी रबी मौसम में ट्रांसफार्मरों की खराबी को रोकने के लिये अस्थाई पम्प कनेक्शनों के भार को शामिल कर अधिकतम भार के आधार पर ट्रांसफार्मर की क्षमता सुनिश्चित करने के लिये कार्यवाही की जा रही है। एसएमएस के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्र में वितरण ट्रांसफार्मर की खराबी की सूचना के लिये लागू की जा रही व्यवस्था की जानकारी भी दी गई।

सलाहकार राज्य योजना आयोग मंगेश त्यागी ने विश्वास व्यक्त किया कि चर्चा में आये सुझावों पर विभागीय चिंतन तथा आवश्यक कार्यवाही की जायेगी।

 

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