एकात्म मानव-दर्शन से प्रेरित हैं प्रदेश की योजनाएँ

भोपाल, सितम्बर  2014/ मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा है कि माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय में पंडित दीनदयाल उपाध्याय पीठ की स्थापना की जायेगी। इसमें पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानव-दर्शन के अनुसार सामाजिक संवाद एवं मीडिया की रचना और दायित्व विषय पर शोध होगा। प्रकृति से संवाद पीठ की स्थापना भी की जायेगी जिसमें पशु, पक्षी, जीव-जन्तुओं, वनस्पति का आपसी व मनुष्य से संवाद विषय पर अनुसंधान होगा। विश्वविद्यालय की प्रवेश परीक्षा में महिलाओं में प्रथम स्थान प्राप्त कर प्रवेश लेने वाली बालिकाओं को राज्य शासन की ओर से लेपटॉप दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री ने इस आशय की घोषणाएँ विश्वविद्यालय द्वारा पंडित दीनदयाल उपाध्याय की 98वीं जयंती की पूर्व संध्या पर ”एकात्म मानव-दर्शन और मीडिया की भूमिका” पर व्याख्यान में की। मुख्यमंत्री विश्वविद्यालय की महापरिषद के अध्यक्ष भी हैं।

मुख्यमंत्री ने अत्यंत सरल शब्दों में उदाहरण सहित एकात्म मानव-दर्शन की अवधारणा की व्याख्या की। उन्होंने कहा कि पूरे जगत में एक ही चेतना का विस्तार है। मनुष्य, प्राणी और पर्यावरणीय तत्व अपने सुखी और शांतिपूर्ण अस्तित्व के लिये एक-दूसरे पर निर्भर हैं। मनुष्य शरीर, मन, बुद्धि और आत्मा का समन्वय है। इन चारों का आपसी समन्वय बिगड़ने से दुख और संकट उपजता है। राजशाही, प्रजातंत्र, साम्यवाद और पूंजीवाद पर आधारित शासन व्यवस्थाएँ मनुष्य को आत्मिक समृद्धि और भौतिक सुख एक साथ देने में असफल सिद्ध हुई है। मध्यप्रदेश में जन-कल्याण की योजनाएँ पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद से प्रेरित और उन पर आधारित हैं।

श्री चौहान ने लाड़ली लक्ष्मी योजना, गरीब विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने की पहल, तीर्थ-दर्शन योजना, पढ़ाई के लिये ऋण और युवा स्व-रोजगार योजना, गरीबों को एक रूपये किलो गेहूँ, चावल देने की योजना का उदाहरण देते हुए कहा कि पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद को प्रदेश में व्यवहारिक रूप में अपनाने का प्रयास किया गया है।

श्री चौहान ने विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों को समझाते हुए कहा है कि जैसे मनुष्य में तन-मन, बुद्धि और आत्मा होती है वैसे ही समाज में भी ये चार तत्व होते हैं। इसी प्रकार राष्ट्र भी इन्हीं चार तत्वों के मेल से बनता है। उन्होंने कहा कि अर्थ की कमी और अर्थ का प्रभाव दोनों हानिकारक हैं।

मुख्‍यमंत्री ने मीडिया की भूमिका के संबंध में कहा कि घटनाओं और समाचारों को संपूर्णता के साथ परखना जरूरी है। प्रस्तुति में अतिरेक से वास्तविकता सामने नहीं आ पाती।

इस अवसर पर जनसंपर्क मंत्री राजेन्द्र शुक्ल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। विश्वविद्यालय परिसर में पहली बार पधारने पर विश्वविद्यालय परिवार की ओर से मुख्यमंत्री का आत्मीय स्वागत किया गया। उन्हें विश्वविद्यालय की ओर से अभिनंदन-पत्र सौंपा गया। मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित पुस्तकों और हाउस जर्नल का विमोचन किया। इस अवसर पर जनसम्पर्क संचालक लाजपत आहूजा, मीडिया विशेषज्ञ उपस्थित थे। कुलपति बी.के. कुठियाला ने आभार प्रदर्शन किया।

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