ओला-वृष्टि से 37 जिलों की फसलें प्रभावित

भोपाल, मार्च 2013/ राजस्व एवं पुनर्वास मंत्री करण सिंह वर्मा ने ओला-पाला प्रभावित जिलों में मुआवजा का वितरण कार्य तेजी से करने के निर्देश दिए हैं। फरवरी माह में हुई ओला-वृष्टि से प्रदेश के 37 जिलों के 3 लाख 72 हजार 186 किसानों की 3 लाख 48 हजार 574 हेक्टेयर क्षेत्र में फसलें प्रभावित हुई हैं। इसी तरह 20 से 23 जनवरी के मध्य शीत लहर-पाले से 20 जिलों के 6,158 गाँव प्रभावित हुए हैं। ओला-पाला प्रभावितों को अब तकरीबन 78 करोड़ की राहत राशि वितरित की जा चुकी हैं। राहत राशि वितरण कार्य जारी है।

ओले से प्रदेश के 37 जिले के 4097 गाँव प्रभावित हुए हैं। ओला प्रभावित जिलों में भिण्ड, श्योपुर, मुरैना, ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, दतिया, अशोकनगर, उज्जैन, देवास, रतलाम, मंदसौर, शाजापुर, इंदौर, धार, बड़वानी, बुरहानपुर खण्डवा, खरगोन, सीहोर, रायसेन, राजगढ़, विदिशा, होशंगाबाद, बैतूल, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, कटनी, जबलपुर, नरसिंहपुर, छिन्दवाड़ा, सिवनी, सिंगरौली, डिण्डौरी, उमरिया और अनूपपुर शामिल है। सर्वाधिक प्रभावित जिले हैं- नरसिंहपुर, देवास, जबलपुर, होशंगाबाद और राजगढ़। ओला-वृष्टि और आकाशीय बिजली से हुई जन-हानि से प्रभावित 8 परिवार को 12 लाख की राहत राशि दी गई है।

पाला से प्रदेश के एक लाख 88 हजार 355 किसान की लगभग 1 लाख 77 हजार 582 हेक्टेयर क्षेत्र की फसलें प्रभावित हुई हैं। पाला प्रभावित जिलों में मुरैना,श्योपुर, भिण्ड, देवास, रायसेन, राजगढ़, सागर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, कटनी, नरसिंहपुर, रीवा, सीधी, सतना, सिंगरौली, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर और ग्वालियर शामिल हैं।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने ओला प्रभावित किसानों की ऋण वसूली स्थगित रखने, उनके अल्पकालिक ऋणों को मध्यकालीन ऋणों में बदलने, इस अवधि का ब्याज शासन द्वारा भरने, बिजली के बिलों पर सरचार्ज माफ करने और कृषकों को फसल बीमा योजना का लाभ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

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