कला की भौगोलिक सीमाएँ नहीं होती

भोपाल, सितम्बर 2014/ उद्योग मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने भोपाल में 17वीं बोनसाई प्रदर्शनी का उदघाटन करते हुए कहा कि कलात्मकता कड़ी मेहनत, सुंदरता और सौम्यता का मेल होती है। कला की भौगोलिक सीमाएँ नहीं होती। किसी भी कला की सार्थकता इस बात में निहित है कि वह इसके दर्शकों और श्रोताओं के मन को परिकृष्त कर उन्हें चेतना की ऊँचाइयों तक ले जाये। इस अवसर पर बोनसाई सोसायटी की अध्यक्ष श्रीमती स्नेह प्रसाद, बोनसाई चेप्टर की फाउण्डर मस्कट श्रीमती देवयानी सम्पत और बोनसाई क्लब भोपाल की अध्यक्ष डॉ. ममता मिश्रा भी उपस्थित थीं।

बोनसाई क्लब भोपाल की अध्यक्ष डॉ. ममता मिश्रा ने बताया कि दोनों दिन दो-दो सत्र होंगे। पहले दिन 11 से 1.30 बजे तक पहले सत्र में श्री श्रीकांत गाडगिल द्वारा मेम बोनसाई का प्रदर्शन होगा। दूसरा सत्र 2.30 से 5 बजे तक होगा, जिसमें श्रीमती ज्योति पंड्या द्वारा फारेस्ट एण्ड ड्रिफ्ट वुड प्लांटेशन का प्रदर्शन किया जायेगा।

दूसरे दिन प्रथम सत्र 11 से 1.30 बजे तक होगा, जिसमें प्रदर्शित किये गये पौधों और समालोचकों के बीच इंटरएक्टिव सेशन होगा। इसमें श्रीमती स्नेह प्रसाद प्रमुख रूप से भाग लेंगी। दूसरे सत्र में श्री गाडगिल और श्रीमती पंड्या 2.30 से 5.30 बजे तक विशेषज्ञ सलाह देंगे।

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