किसानों को पाले से फसल बचाने की सलाह

भोपाल, जनवरी 2015/ किसान-कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने सभी संभाग के समस्त मैदानी अमले को पाले से बचाव के उपायों के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश दिये हैं। मौसम विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रदेश के कई जिलों का तापमान तेजी से कम होने की संभावना है। कुछ क्षेत्रों में तापमान 4 डिग्री से कम होने के समाचार भी मिले हैं। तापमान में होने वाली गिरावट का असर फसलों पर पाले के रूप में हो सकता है।

किसान रात्रि में खेत की मेड़ों पर कचरा तथा खरपतवार आदि जलाकर उत्तर-पश्चिमी छोर से धुआँ करें जिससे धुएं की परत फसलों के ऊपर आच्छादित हो जाये। फसलों में खरपतवार नियंत्रण करना भी आवश्यक है। इस प्रकार तापमान के असर को कुछ हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। शुष्क भूमि में पाला पड़ने का जोखिम अधिक होता है अत: फसलों में स्प्रिंकलर के माध्यम से हल्की सिंचाई की जाये। यूरिया की 500 ग्राम मात्रा का 1000 लीटर पानी में घोल बनाकर 15-15 दिन के अंतर से छिड़काव भी पाले से बचाव उपयोगी उपाय है।

संचालक कृषि मोहनलाल ने सभी संभागीय तथा जिला कार्यालयों को मैदानी कार्यकर्ताओं के द्वारा कृषकों को सूचित करने के साथ ग्रामीण स्तर पर डोंडी पिटवाने तथा समाचार माध्यमों और स्थानीय इलेक्ट्रानिक चैनलों के द्वारा भी किसानों को सचेत करने के निर्देश दिये हैं। अधिकारियों से गहन भ्रमण कर, स्थिति पर नजर रखने के लिये भी कहा गया है।

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