खेल विशेषज्ञों की सेवाएं लेने की गाइडलाइन जारी

भोपाल। राज्य शासन ने खेल विभाग के अधीन संचालित अकादमियों में प्रशिक्षण के लिये उच्च-स्तरीय विशेषज्ञ की सेवाएँ प्राप्त करने मार्गदर्शी सिद्धांत जारी किये हैं। यह सिद्धांत क्रिकेट तथा बेडमिंटन अकादमी, ग्वालियर, घुड़सवारी, शूटिंग, कुश्ती, सेलिंग तथा हॉकी अकादमी, भोपाल में उच्च-स्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध करवाने के लिये समय-समय पर विशेषज्ञों की सेवाएँ प्राप्त करने के लिए बनाये गये हैं। मार्गदर्शी सिद्धांत तत्काल प्रभाव से प्रभावशील किये गये हैं।

खेल अकादमियों के लिये तकनीकी विशेषज्ञ की सेवाएँ लेने के लिये अपर मुख्य सचिव/प्रमुख सचिव/सचिव, खेल और युवा कल्याण विभाग की अध्यक्षता में एक सशक्त समिति होगी। इसमें सचिव वित्त, सदस्य सचिव राज्य योजना मण्डल तथा क्षेत्रीय निदेशक, भारतीय खेल प्राधिकरण, भोपाल को सदस्य बनाया गया है। संचालक खेल एवं युवा कल्याण विभाग सदस्य सचिव होंगे। सशक्त समिति के कर्त्तव्य में समिति द्वारा विशेषज्ञों का नामांकन निर्धारित मापदण्डों के अधीन सीधे किया जा सकेगा। समिति द्वारा निर्धारित सीमा एवं मापदण्डों के अधीन ही संचालनालय द्वारा समिति के अनुमोदन के बाद विशेषज्ञों की सेवाएँ ली जा सकेंगी। समिति द्वारा श्रेणीवार योग्यता, अनुभव एवं अहर्ता, मासिक पारिश्रमिक की दर एवं अन्य सुविधाओं के लिये अतिरिक्त भुगतान किये जाने की अनुशंसा करने के लिए सहमत होने की दशा में समन्वय में आदेश प्राप्त किये जायेंगे।

तकनीकी विशेषज्ञ की श्रेणी, विधा अनुसार योग्यता, अनुभव एवं अहर्ता तथा पारिश्रमिक की दर निर्धारित की गई है। इनमें श्रेणी-ए के अनुसार ओलम्पिक/विश्व-कप/मान्यता प्राप्त अंतर्राष्ट्रीय चेम्पियनशिप में संबंधित विधा में पदक-विजेता अथवा पद्मश्री/राजीव गाँधी खेल रत्न/अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित तकनीकी विशेषज्ञ को रखा गया है। इसके लिये पारिश्रमिक की प्रतिमाह दर एक लाख रुपये रखी गई है। श्रेणी-बी में ऐशियन गेम्स/राष्ट्र मण्डल खेल में संबंधित विधा में पदक-विजेता विशेषज्ञ के लिये प्रतिमाह 75 हजार रुपये पारिश्रमिक तथा श्रेणी-सी में मान्यता प्राप्त एशियन चेम्पियनशिप में संबंधित विधा में पदक विजेता, मान्यता प्राप्त अन्तर्राष्ट्रीय चेम्पियनशिप में संबंधित विधा में कम से 3 वर्ष भारतीय दल का प्रतिनिधित्व तथा राष्ट्रीय चेम्पियनशिप में संबंधित विधा में कम से कम 3 पदक प्राप्त विशेषज्ञ को रखा गया है। इसके विशेषज्ञ के लिये पारिश्रमिक की प्रतिमाह दर 50 हजार रखी जाना शामिल है।

इसी प्रकार समिति द्वारा विशेषज्ञ को आमंत्रित किये जाने पर उन्हें देय पारिश्रमिक की दर का निर्धारण, यात्रा की पात्रता, होटल में ठहरने पर होने वाले व्यय की पात्रता, स्थानीय यात्रा के लिये वाहन सुविधा आदि पर होने वाले व्यय की दरों को भी निर्धारित किया गया है। समिति द्वारा निर्धारित दरों के आधार पर ही खेल संचालनालय द्वारा ऐसे व्ययों का भुगतान किया जा सकेगा।

तकनीकी विशेषज्ञ द्वारा प्रति प्रवास न्यूनतम 5 दिवस का प्रशिक्षण देना होगा। एक विधा में न्यूनतम 25 प्रशिक्षणार्थी होने पर ही तकनीकी विशेषज्ञ की सेवाएँ ली जा सकेगी। विशेषज्ञ की सेवाओं के लिये उनसे सीधे चर्चा कर प्रस्ताव प्राप्त किया जायेगा, जिसे सशक्त समिति के समक्ष विचारार्थ रखा जायेगा। समिति के अनुमोदन के बाद ही सेवाएँ ली जा सकेंगी। तकनीकी विशेषज्ञ द्वारा प्रत्येक माह में दिये गये प्रशिक्षण का मासिक प्रतिवेदन शासन को अगले माह के प्रथम सप्ताह में देना होगा। मासिक प्रगति प्रतिवेदन की समीक्षा की जायेगी।

खेल संचालनालय द्वारा तकनीकी प्रशिक्षक की सेवाओं की निरंतरता की आवश्यकता नहीं होने पर सेवाएँ समाप्त की जा सकेंगी। किसी भी प्रशिक्षक की सेवा अवधि में वृद्धि के लिये संचालनालय द्वारा औचित्य के साथ प्रकरण सशक्त समिति के समक्ष एक माह पूर्व प्रस्तुत करना होगा। समिति के अनुमोदन के बाद ही सेवा-वृद्धि की जा सकेगी।

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