चिकित्सा क्षेत्र को दिशा देने वाला संस्थान बने एम्स

भोपाल, जनवरी 2015/ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि भोपाल का अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) चिकित्सा के क्षेत्र में देश और दुनिया को भविष्य में दिशा देने वाला संस्थान बने। चिकित्सा के क्षेत्र में यह संस्थान मील का पत्थर बने। श्री चौहान एम्स के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने समारोह में संस्थान के शैक्षिक और खेल क्षेत्र के प्रतिभावान विद्यार्थियों को पुरस्कृत भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा व्यवसाय नहीं बल्कि जीवन देने का मिशन है। चिकित्सा से बड़ी और कोई सेवा नहीं है। भोपाल का एम्स पूर्व प्रधानमंत्री श्री अटल बिहारी वाजपेयी का सपना था, जो साकार हो रहा है। चिकित्सा के क्षेत्र में एम्स विश्वसनीयता का पर्याय है। एम्स के शेष कार्यों को शीघ्र पूरा किया जायेगा। यह संस्थान भोपाल का मान-सम्मान बनेगा। यहाँ देश के बाहर से भी चिकित्सा के लिये लोग आयें। उन्होंने चिकित्सा के क्षेत्र में शोध के महत्व का उल्लेख करते हुए कहा कि विद्यार्थी कर्मठता, निष्ठा और समर्पण से कार्य करें। स्वामी विवेकानंद कहते थे कि दुनिया में कोई भी कार्य असंभव नहीं है। चिकित्सा प्राप्त करना जनता का बुनियादी अधिकार है। इसके लिये राज्य सरकार ने कई स्वास्थ्य योजनाएँ शुरू की हैं। शासकीय अस्पतालों में नि:शुल्क दवाई और जाँच की सुविधा उपलब्ध करवायी गई है।

संस्थान के निदेशक प्रो. संदीप कुमार ने प्रतिवेदन प्रस्तुत कर उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। कार्यक्रम में सांसद और भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान, सांसद आलोक संजर, एम्स पटना के निदेशक प्रो. गिरीश कुमार सिंह और एम्स जोधपुर के निदेशक प्रो. संजीव मिश्रा उपस्थित थे। मुख्यमंत्री ने एम्स का अवलोकन भी किया।

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