चिन्हित अपराधों के सौ फीसदी मामलों में सजा मिले

भोपाल। गृह मंत्री उमाशंकर गुप्‍ता ने कहा है कि अपराधों में सजा दिलाने की दर शत-प्रतिशत होनी चाहिए। वर्तमान में इन मामलों में यह दर 60 प्रतिशत है।

श्री गुप्ता यहां प्रशासन अकादमी में जघन्य एवं सनसनीखेज मामलों पर हुई कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। उन्‍होंने कहा कि अपराधी के मन में इस बात का खौफ होना चाहिए कि वह अपराध करेगा तो उसे सजा जरूर मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह तभी संभव है जब अपराधियों को सजा मिले। लोक अभियोजन अधिकारी उन वकीलों के सामने अपने आप को कभी कमजोर नहीं समझें, जो अपराधियों के पक्ष में खड़े हों। हर उस प्रकरण का विश्लेषण करें, जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा। आपको उन गरीब और पीड़ित व्यक्ति को न्याय दिलाना है, जिसके पास दुआओं के अलावा कुछ नहीं है।

अभियोजन अधिकारियों को मिलेगी सिम

गृह मंत्री ने कहा कि अभियोजन अधिकारियों को मोबाइल सिम और फैक्स मशीन भी उपलब्ध करवायी जाएगी। सॉफ्टवेयर को हमेशा अपडेट करते रहें।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक सीआईडी एम.आर. कृष्णा ने बताया कि वर्ष 2011 में सजा दिलवाए जाने की दर 60 प्रतिशत थी। वर्ष 2008 से सितम्बर, 2012 तक कुल चिन्हित प्रकरण 1,247 में से 695 निराकृत हो चुके हैं। इनमें से 383 प्रकरण में सजा मिली है। 278 अपराधियों को आजीवन कारावास और 8 अपराधियों को मृत्यु दण्ड की सजा दी गई है।

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