जरूरी हुआ तो किसान हित में फिर होंगे कानूनी संशोधन

भोपाल, मार्च 2013/ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने होली के दिन सतना जिले के रघुराजनगर तहसील के ओला वृष्टि से प्रभावित ग्राम खैरी कोठार में ओला प्रभावित किसानों से चर्चा कर फसल में हुई क्षति की जानकारी ली। उन्होंने फसल क्षति का सही आकलन करने के निर्देश दिए और कहा कि यदि किसान हित में कानूनी प्रावधानों में और भी अधिक संशोधनों की जरूरत हुई, तो वह भी किये जायेंगें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि फसल की क्षति पर 15 हजार रूपये तक की मदद मिलेगी। ईसबगोल, मेथी,, सरसों, धनिया सहित मसालों की फसलों में भी क्षति पर सहायता राशि दी जायेगी। 50 प्रतिशत नुकसान को शत-प्रतिशत माना जायेगा। पचास प्रतिशत से अधिक क्षति वाले किसानों से कर्ज की वसूली नहीं होगी। ऐसे किसानों के शार्ट टर्म लोन को मीडियम टर्म लोन में बदलकर केवल मूल धन वापस लिया जायेगा। ब्याज की भरपाई सरकार करेगी। ओला प्रभावित किसानों को अगली फसल की तैयारी के लिये शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण दिया जायेगा। जिन किसानों की पूरी फसल ओले के कारण नष्ट हो गई हैं उनको 4 माहे के राशन का गेहूँ बी.पी.एल. की दर से मिलेगा। ओला प्रभावित क्षेत्रों में रोजगार की आवश्यकता पर निर्माण कार्य भी खोले जायेंगें।

प्रभावितों को 5 लाख 44 हजार की सहायता

मुख्यमंत्री ने ग्राम खैरी कोठार में भ्रमण के दौरान कुसियरा, मटीमा, गैदुआ, बेनीपुर, खैरी खुखडा तथा खैरी कोठार सहित 6 गाँव के ओला प्रभावित 43 किसान को 5 लाख 44 हजार 510 रूपये की सहायता राशि के चेक वितरित किये गये। इन गाँव में गत 14 मार्च को ओला वृष्टि से फसलों का नुकसान हुआ था।

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