तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास का हब बनेगा मध्यप्रदेश

भोपाल। तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास नीति-2012 में प्रदेश को तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास के हब के रूप में विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिये चुनी हुई संस्थाओं का आदर्श संस्था में उन्नयन किया जायेगा। इन संस्थाओं से वैश्विक स्तर की प्रशिक्षित जन-शक्ति तैयार करने के साथ ही इनकी मार्केटिंग और ब्रांडिंग भी की जाएगी। चुनी हुई संस्थाओं में कम से कम 6 पाठ्यक्रम का संचालन किया जाएगा। इन पाठ्यक्रमों की मान्यता (प्रत्यायन) राष्ट्रीय एजेंसियों से भी होगी। इन संस्थाओं में इण्डस्ट्री-इंस्टीट्यूशन-इंटरेक्शन सेल एवं उद्यमिता विकास केन्द्र होंगे। यह संस्थाएँ उन्नयन के लिए अंतर्राष्ट्रीय सहयोग भी ले सकेगी।

संस्था का क्षेत्र विशेष में होगा उन्नयन

योजना में जिला मुख्यालय स्थित आई.टी.आई., संभाग मुख्यालय स्थित 10 स्वशासी पॉलीटेक्निक महाविद्यालय एवं 4 स्वशासी इंजीनियरिंग महाविद्यालय को किसी क्षेत्र विशेष में उन्नयन कर आदर्श संस्था के रूप में विकसित किया जाएगा। तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास में निजी निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए विद्यमान संस्थाओं में निजी निवेशकर्त्ता द्वारा इण्डस्ट्री लिंक पाठ्यक्रम संचालित करने के लिए अलग से योजना बनाई जा रही है।

नैनोटेक्नोलॉजी और रोबोटिक्स के पाठ्यक्रम भी प्रारंभ होंगे

इंजीनियरिंग एवं पॉलीटेक्निक महाविद्यालयों और आई.टी.आई. में बायो-टेक्नालॉजी, नैनो-टेक्नालॉजी, रोबोटिक्स के पाठ्यक्रम प्रारंभ करने पर होने वाले व्यय की शत-प्रतिशत पूर्ति राज्य शासन द्वारा की जाएगी। इसके अलावा व्यावसायिक एवं जीविका आधारित पाठ्यक्रम यथा फैशन टेक्नालॉजी, इंश्योरेंस, रिटेल मैनेजमेंट, हॉस्पिटेलिटी मैनेजमेंट, परिवहन, हेल्थ-केयर, मेडिकल मशीन आपरेटर्स, मोबाइल रिपेयरिंग, एयरलाइन्स पर्सनल, बैंकिग आपरेशंस, फ्रंट ऑफिस मैनेजमेंट, ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट, सिक्यूरिटी मैनेजमेंट, कस्टमर केयर एक्जीक्यूटिव एवं शेयर ट्रेडिंग के पाठ्यक्रम भी शुरू किए जाएँगे।

परम्परागत  हुनर को भी मिलेगी मान्यता

परम्परागत हुनर जैसे लोहार, बढ़ई, राजमिस्त्री, कुम्हार, मोची, बीड़ी बनाने वाले, गौ-सेवक, जैविक खेती इत्यादि के प्रशिक्षण के प्रमाणीकरण की व्यवस्था की जाएगी।

केरियर  काउंसलिंग एवं प्लेसमेंट सोसायटी

प्रशिक्षित युवाओं को रोजगार दिलवाने के लिए केरियर काउंसलिंग एवं प्लेसमेंट सोसायटी की स्थापना की जाएगी। एक वेब आधारित पोर्टल बनेगा, जिसमें तकनीकी शिक्षा, उच्च शिक्षा, चिकित्सा शिक्षा एवं आयुष के क्षेत्र में उपलब्ध शिक्षा के अवसरों की एकजाई जानकारी उपलब्ध रहेगी। विभिन्न निकाय और उद्योगों को रोजगार संबंधी विज्ञापन इस पोर्टल पर विज्ञापित करने की सुविधा रहेगी।

ऐसी निजी प्लेसमेंट एजेंसी को भी अनुबंधित करने की योजना है, जो उत्तीर्ण विद्यार्थियों को प्रशिक्षण के बाद 100 प्रतिशत रोजगार की गारंटी देती हों।

डिजिटल लायब्रेरी और मल्टीमीडिया सेंटर

अंतर्राष्ट्रीय स्तर का ज्ञान एवं जानकारी प्रत्येक विद्यार्थी को सुलभ करवाने के लिए सभी शासकीय संस्थाएँ डिजिटल लायब्रेरी और मल्टीमीडिया सेंटर की स्थापना करेंगी।

तकनीकी शिक्षा के प्रचार-प्रसार के लिए 10वीं से 12वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को समीप की आदर्श आई.टी.आई. का भ्रमण करवाया जाएगा। इसके साथ ही जिला-स्तर पर दर्शन-सह-नियोजन मेला भी लगाए जाएँगे।

उल्लेखनीय है कि वर्तमान में प्रदेश में 1099 तकनीकी संस्था हैं, जिनमें एक लाख 68 हजार 483 विद्यार्थी प्रवेश ले सकते हैं।

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