दक्षिण अफ्रीका से सहयोग की व्यापक संभावनाएँ

भोपाल, अप्रैल 2015/ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि मध्यप्रदेश और दक्षिण अफ्रीका का गाउटेंग प्रदेश औद्योगिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक क्षेत्र में मिलकर काम करेंगे। दोनों प्रदेश के बीच सहयोग की व्यापक संभावनाएँ हैं। श्री चौहान यहाँ साउथ अफ्रीका के द प्रीमियर ऑफ गाउटेंग के मुख्यमंत्री एम. डाविड मखुरा के साथ आये प्रतिनिधि-मंडल के साथ हुई बैठक को संबोधित कर रहे थे। श्री मखुरा ने कहा कि दोनों प्रदेश को पारस्परिक संबंधों का लाभ होगा। इस अवसर पर पारस्परिक सहयोग के लिये एम.ओ.यू. किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश देश में सबसे तेज गति से विकास करने वाला प्रदेश है। प्रदेश की विकास दर और कृषि विकास दर देश में सबसे ज्यादा है। प्रदेश में औद्योगिक विकास और निवेश पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। दक्षिण अफ्रीका और भारत के बीच ऐतिहासिक संबंध है। महात्मा गाँधी ने भारत को दक्षिण अफ्रीका से जोड़ा था। व्यापारिक, सांस्कृतिक और शैक्षणिक विकास के क्षेत्र में सहयोग के लिये दोनों राज्य मिलकर रोडमेप तैयार करेंगे।

द प्रीमियर ऑफ गाउटेंग के मुख्यमंत्री श्री मखुरा ने कहा कि मध्यप्रदेश की तरह उनका प्रदेश भी दक्षिण अफ्रीका के मध्य में है। साउथ अफ्रीका की जीडीपी में 36 प्रतिशत, औद्योगिक उत्पादन में 42 प्रतिशत, कृषि उत्पादन में 10 प्रतिशत तथा निर्यात में 62 प्रतिशत योगदान उनके प्रदेश का है। समान परिस्थितियों के आधार पर मध्यप्रदेश को वे अपने काफी करीब पाते हैं। प्रदेश में उद्योग और व्यापार के क्षेत्र में निवेश के बेहतर अवसर है। हम विनिर्माण के क्षेत्र में सुधार और विस्तार के प्रयास कर रहे हैं। विभिन्न क्षेत्रों में मध्यप्रदेश की उपलब्धियों से वे काफी प्रभावित हैं।

बैठक के दौरान मुख्य सचिव अंटोनी डिसा ने मध्यप्रदेश की संभावनाओं पर केन्द्रित प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने बताया कि मध्यप्रदेश में बेहतर अधोसंरचनाएँ तथा उद्योगों के लिये बेहतर वातावरण है। मध्यप्रदेश का आर्थिक विकास तेजी से हुआ है। मध्यप्रदेश की विकास दर तथा कृषि विकास दर देश में सबसे ज्यादा है। गेहूँ उत्पादन के क्षेत्र में प्रदेश का देश में दूसरा स्थान है। प्रदेश में बेहतर गुणवत्ता का बासमती चावल होता है, जो उत्तरी अमेरिका को निर्यात किया जाता है। प्रदेश में देश की हीरे की एकमात्र खदान पन्ना में है। प्रदेश में तांबा, लाईम स्टोन सहित अच्छी गुणवत्ता के अन्य खनिज पाये जाते हैं। प्रदेश में कृषि आधारित अर्थ-व्यवस्था से अब हम विनिर्माण आधारित अर्थ-व्यवस्था की ओर बढ़ रहे हैं। प्रदेश में सुशासन पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता 14 हजार मेगावॉट है। प्रदेश इलेक्ट्रिसिटी सरप्लस वाला प्रदेश है। प्रदेश में उद्योगों के लिये 25 हजार हेक्टेयर का लेण्ड बेंक उपलब्ध है। ईज ऑफ डूईंग बिजनेस के लिये विभिन्न नियम में सरलीकरण किया गया है। प्रदेश से पिछले छह वर्ष से हर दो वर्ष में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट आयोजित की जा रही है। वर्ष 2014 में इंदौर में आयोजित ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में 95 मिलियन डॉलर के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। प्रदेश में रक्षा उत्पादन, ऑटो निर्माण, पर्यटन, सूचना प्रौद्योगिकी, एग्रो फूड प्रोसेसिंग और नवकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में निवेश की बेहतर संभावनाएँ हैं।

दक्षिण अफ्रीका के प्रतिनिधि-मंडल में गाउटेंग के मंत्री डॉ. ईस्माइल वादी, डॉ. इसाक माइले, सुश्री बारबरा क्रिस और श्री नियामक नंदी भी थे। बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री एस.आर. मोहंती, प्रमुख सचिव वाणिज्य एव उद्योग श्री एम. सुलेमान, प्रमुख सचिव वन श्री ए.पी. श्रीवास्तव, प्रमुख सचिव खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति श्री अशोक वर्णवाल, मुख्यमंत्री के सचिव श्री विवेक अग्रवाल और सचिव खनिज श्री शिवशेखर शुक्ला भी उपस्थित थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here