दुर्घटना से बचाव के लिए सभी मार्गों पर होगी नई प्रणाली

भोपाल। सड़क दुर्घटनाओं से बचाव के लिये प्रदेश की सभी प्रमुख सड़कों पर मार्ग सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन प्रणाली लागू की जायेगी। प्रदेश के सभी टोल बूथों पर दो-दो एम्बुलेंस तथा क्रेन उपलब्ध रहेंगी। एम्बुलेंस की उपलब्धता को 108 नम्बर की आपात चिकित्सा सेवा से भी जोड़ा जायेगा। टोल बूथों के राजस्व संग्रहण की केन्द्रीयकृत निगरानी की जायेगी।

यह जानकारी आज यहाँ मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में सम्पन्न मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम की बैठक में दी गयी। बैठक में निर्णय लिया गया कि विकास निगम के स्टाफ को अग्रवाल आयोग की अनुशंसा के अनुसार गृह तथा वाहन भत्ता दिया जायेगा। बैठक में मुख्यमंत्री ने निर्देश दिये कि वर्षा के दौरान जहाँ कहीं भी सड़कें खराब हुईं हैं उनका सर्वोच्च प्राथमिकता में सुधार किया जाय। बैठक में मुख्य सचिव श्री आर.परशुराम भी मौजूद थे।

बैठक में बताया गया कि दुर्घटना सुरक्षा व्यवस्थाओं तथा टोल बूथों की केन्द्रीय निगरानी सिस्टम के लिये 11.5 करोड़ रूपए लागत की कार्ययोजना तैयार की गई है। इस परियोजना में रोड सेफ्टी इंप्रूव्मेंट प्रोग्राम, रोड सेफ्टी सेल, रोड एक्सीडेंट रिपोर्टिंग, एनालिसिस एन्ड मानीटरिंग सिस्टम, एक्सीडेंट रेस्पॉन्स सिस्टम क्रियान्वयन और पी.पी.पी. प्रोजेक्ट्स के राजस्व संग्रहण की निगरानी की जायेगी। टोल बूथों पर सी.सी.टी. कैमरे लगाये जायेंगे। दुर्घटना की सूचना के लिये एकीकृत कॉल सेंटर रहेगा। सेन्टर पर एक ही नम्बर डायल करने पर दुर्घटना की सूचना से अविलम्ब एम्बुलेंस की व्यवस्था होगी। एम्बुलेंस में तथा क्रेन में जी.पी.एस. सिस्टम भी लगाया जायेगा।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश की सभी सड़कें सुधरी हालत में रहें। मरम्मत और निर्माण संबंधी कार्य गुणवत्तापूर्ण हो। निर्माणाधीन कार्य समय-सीमा में पूर्ण हों। उन्होंने कहा कि निर्माण और मरम्मत प्रोजेक्ट्स के अनुबंध क्रियान्वयन में विलंब की भी मानीटरिंग की जाए। विलंब पर दण्डात्मक प्रावधानों को निविदा शर्तों में शामिल किया जाए। श्री चौहान ने समीक्षा के दौरान निगम के व्यापक कार्य स्वरूप के अनुरूप कर्मचारियों की नियुक्ति की सहमति दी।

बैठक में राज्य शासन के आदेशानुसार छठवाँ वेतन आयोग और अग्रवाल वेतन आयोग की अनुशंसाएँ लागू करने और 62 यांत्रिकी कर्मचारियों की नियुक्ति की सैद्धांतिक स्वीकृति दी गई। बैठक में बताया गया कि राज्य के अंतर्गत 8 राष्ट्रीय राजमार्गों की कुल 675 किलोमीटर लंबी सड़कों की मरम्मत के लिए 4501.37 करोड़ रूपए के कार्य प्रगति पर है। यह भी बताया गया कि प्रस्तावित राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 12 को जबलपुर-भोपाल लम्बाई 294.2 किलोमीटर और ब्यावरा-राजस्थान सीमा लंबाई 61 किलोमीटर तक फोर लेन बनाया जा रहा है। इसी प्रकार राष्ट्रीय राजमार्ग 12ए जबलपुर-मंडला लंबाई 175.5 किलोमीटर और राष्ट्रीय राजमार्ग 78 कटनी-शहडोल लंबाई 240 किलोमीटर को टू लेन विथ पेव्ड शोल्डर बनाया जा रहा है।

बैठक में प्रमुख सचिव लोक निर्माण श्री के.के. सिंह, वित्त श्री अजयनाथ, नगरीय प्रशासन एवं विकास श्री एस.पी.एस. परिहार, वन श्री देवराज बिरदी, प्रबंध संचालक मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम श्री विवेक अग्रवाल और मुख्यमंत्री के सचिव श्री हरिरंजन राव भी उपस्थित थे।

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