देश की पहली डायल 100 योजना का शुभारंभ

भोपाल, नवम्बर 2015/ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के अवसर पर आज देश की पहली ”डायल 100” योजना का शुभारम्भ किया। इससे 100 नम्बर पर डायल करते ही तत्काल पुलिस सहायता घटना स्थल पर उपलब्ध होगी। यह व्यवस्था राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम में स्थापित की गई है। फ़िलहाल यह योजना सात जिले- भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, उज्जैन, सागर एवं रीवा के लिए शुरू की गयी है। जल्द ही अन्य जिलों में इसका विस्तार होगा।

योजना के अंतर्गत 100 नंबर पर फोन करने पर पुलिस का फर्स्ट रिस्पांस वाहन शहरी क्षेत्र में पाँच मिनिट तथा देहातों में तीस मिनिट के भीतर घटनास्थल पर पहुँच जाएगा। वाहन में उपलब्ध पुलिसकर्मी तत्काल आवश्यक कार्रवाई करेंगे और राज्य पुलिस कंट्रोल रूम को रिपोर्ट देंगे। यह सेवा चौबीसों घंटे संचालित होगी। उन्होंने डायल 100 वाहन को झण्डी दिखाकर रवाना किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दृष्टिपत्र-2018 में पुलिस सेवा को नागरिकों तक पहुँचाने का संकल्प लिया था जो आज पूरा हो गया है। उन्होंने पुलिस को त्यौहारों के दौरान शांति व्यवस्था बनाये रखने के लिए बधाई दी। उन्होंने कानून-व्यवस्था को विकास की पहली जरूरत बताते हुए कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस ने इस दिशा में सराहनीय कार्य किया है। उन्होंने स्थापना दिवस पर सभी को बधाई दी। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में प्रदेश ने विकास के हर क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल की है। विकास दर और कृषि विकास दर में देश में सबसे आगे है। उन्होंने कहा कि वर्तमान में किसानों पर संकट है। इस संकट से भी किसानों को बाहर निकाल लेंगे।

श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश को विकास के किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं रहने देंगे। विकास के लिए कानून-व्यवस्था को सर्वाधिक प्राथमिकता दी गई है। श्री चौहान ने डायल 100 योजना की चर्चा करते हुए कहा कि इससे पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ेगा और अपराधियों को भी संदेश जाएगा कि पुलिस सतर्क है और तत्काल घटना स्थल पर पहुँच सकती है। इसके लिए संबंधित अमले को पर्याप्त प्रशिक्षण भी दिया गया है। उन्होंने जनता के उत्साह को देखते हुए डायल 100 में टेलीफोन लाइनों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए।

श्री चौहान ने पुलिस अधिकारियों की प्रतिभा और क्षमता की प्रशंसा की। उन्होंने डायल 100 व्यवस्था को लगातार चुस्त-दुरुस्त रखने और प्रभावी बनाए रखने के लिए सभी जरूरी व्यवस्थाएँ तैयार रखने के निर्देश देते हुए कहा कि ”डायल-100” व्यवस्था अन्य प्रदेशों के लिए आदर्श व्यवस्था साबित होगी। उन्होंने ”डायल 100” व्यवस्था का अवलोकन भी किया।

गृह मंत्री श्री बाबूलाल गौर ने पुलिस प्रशासन को डायल 100 योजना की शुरुआत करने के लिए बधाई दी। उन्होंने इसे अनूठी योजना बताते हुए कहा कि यह मध्यप्रदेश की स्थापना दिवस के अवसर पर लोगों के लिए उपहार है।

पुलिस महानिदेशक श्री सुरेन्द्र सिंह ने स्वागत भाषण में बताया कि डायल 100 योजना चौबीसों घंटे काम करेगी और जनता की अपेक्षाओं पर खरा उतरेगी। उन्होंने डायल 100 योजना को अभिनव पहल बताते हुए कहा कि फिलहाल 230 पद इसके संचालन के लिए स्वीकृत हुए हैं। भविष्य में और भी अमले की जरूरत पड़ेगी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक वाहन में आधुनिक कम्प्यूटर उपलब्ध है। इसमें दो पुलिसकर्मी उपलब्ध रहेंगे। सभी पुलिस थानों को इलेक्ट्रॉनिक मेपिंग से जोड़ा जा रहा है। करीब दो लाख लेण्डमार्ग तैयार किए गए हैं ताकि वाहन सही जगह पर तत्काल पहुँच सके। सभी जिलों में करीब एक हजार वाहन जल्दी ही पहुँच जायेंगे।

क्या है डायल 100 ?

राज्य शासन की 632 करोड़ की यह उच्चतम प्राथमिकता वाली योजना है। इसमें 1000 वाहनों को सभी जिलों में भेजा जायेगा। डायल 100 योजना स्मार्ट पुलिसिंग क्रियान्वयन का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। डायल-100 योजना में कोई कहीं से भी पुलिस की मदद के लिये 100 नंबर लगायेगा तो उसकी कॉल रिकार्ड होगी। कॉल पर शहरी क्षेत्र में 5 मिनिट में तथा ग्रामीण अंचल में 30 मिनिट के अंदर पुलिस सहायता फर्स्ट रिस्पांस व्हीकल के जरिये पहुँचाई जायेगी।

कैसे काम करेगी ?

आपदा एवं विपत्ति के क्षण में पुलिस सहायता चाहने वाले किसी भी व्यक्ति द्वारा 100 नम्बर पर टेलीफोन करने मात्र से वह कॉल राज्य स्तरीय पुलिस कन्ट्रोल रुम में प्रशिक्षित स्टाफ द्वारा रिसीव किया जायेगा। कॉल करने वाले द्वारा दी गई सूचना एवं  विवरण के अनुसार विशेष रूप से प्रशिक्षित पुलिस स्टाफ घटना स्थल के आसपास तैनात फर्स्ट रेस्पांस वाहन को कम्प्यूटर एवं दूरभाष के जरिये निर्देश प्राप्त होते ही सेवा के लिये प्रतीक्षारत वाहन एवं इसमें तैनात पुलिस स्टाफ घटना स्थल के लिये रवाना होगा। मौके पर पहुँच कर डायल 100 में तैनात पुलिस कर्मी विधि सम्मत कार्यवाही करेगा। कार्यवाही पूर्ण करके मौके से ही पुलिस स्टाफ गाड़ी में तैनात कम्प्यूटर के माध्यम से की गई कार्यवाही की  रिपोर्ट राज्य कन्ट्रोल रुम को भेजेगा।

इस अवसर पर पूर्व मुख्यमंत्री श्री कैलाश जोशी, योजना आयोग के उपाध्यक्ष श्री बाबूलाल जैन, विधायक श्री विष्णु खत्री, मुख्य सचिव श्री अन्टोनी डिसा, अपर मुख्य सचिव गृह श्री बी.पी. सिंह, पुलिस हाऊसिंग कार्पोरेशन के पुलिस महानिदेशक श्री आर.के. शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक श्री अन्वेष मंगलम, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक इंटेलिजेंस श्री राजीव टण्डन उपस्थित थे।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here