नीम पर्वत बना पर्यटन-स्थल, सफलता का इतिहास रचा

भोपाल, अगस्‍त 2013/ ग्वालियर जिले की रायपुर ग्राम पंचायत ने कमाल कर दिखाया है। पंचायत के जरिये भूमि कटाव रोकने, जल-संवर्धन और पर्यावरण को बचाने के उद्देश्य से रायपुर कला ग्राम में नीम पर्वत माता की पहाड़ी पर पहले 25 हजार नीम के पौधे रोपे गये है। अब पौध स्थल को लोग नीम पर्वत पर्यटन-स्थल के रूप में भी जानने लगे हैं। इसके रख-रखाव पर अब तक 4 लाख 15 हजार से अधिक रुपये खर्च हुए हैं।

पौधे लगने के पहले यहाँ लगातार मिट्टी का कटाव हो रहा था जो अब रुक गया है। पर्यावरण सुधरने से गर्मी में गाँव में ठंडक भी रहती है। ग्रामीणों को इस पर्वत पर एवं गाँव में मनरेगा के अन्य कामों में मजदूरी भी प्राप्त हो रही है। ग्रामीणों का पलायन भी रुक गया है। फरवरी, 2011 में ग्राम पंचायत को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में प्रशंसा-पत्र भी दिया गया।

इस ग्राम-पंचायत द्वारा नियमित रूप से पर्यावरण मेले लगाकर स्कूली बच्चों को पौध-रोपण एवं उसके महत्व के बारे में समझाया जाता है। हर वर्ष नीम पर्वत की तरह ही अन्य स्थान पर भी पौधे लगाये गये हैं। वन-ग्राम में आँवला पर्वत और शीतला माता मंदिर प्रांगण में 5000 शीशम के पौधे लगाये गये हैं।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here