पत्रकारिता में अनंत संभावनाएँ: शिवराज

भोपाल, अप्रैल 2015/ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि पत्रकारिता के क्षेत्र में कार्य की संभावनाएँ अनंत हैं। श्री चौहान यहाँ समन्वय भवन में माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं पुरस्कार वितरण समारोह प्रतिभा 2015 को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में गणेश शंकर विद्यार्थी सम्मान वर्ष 2012 के लिए वरिष्ठ पत्रकार श्री मदन मोहन जोशी को और वर्ष 2013 के लिए श्री श्यामलाल यादव को शॉल, श्रीफल, प्रशस्ति-पत्र एवं दो लाख रूपये का चेक भेंट कर सम्मानित किया। कार्यक्रम में जनसंपर्क मंत्री राजेन्द्र शुक्ल, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय के कुलपति ए.के.डी.एन. वाजपेयी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पत्रकारिता के अनेक आयाम हैं। लोकतंत्र में पत्रकारिता की भूमिका महत्वपूर्ण है। वह राजनीति की दिशा निर्धारित करती है। सच को सामने लाना भी समाज की सेवा है। उन्होंने कहा कि लक्ष्य सदैव बड़ा होना चाहिए। जहाँ चाह होती है वहाँ राह निकलती ही है। परिश्रम के साथ किए गए प्रयासों की सफलता निश्चित है। उन्होंने सम्मानित पत्रकारों के व्यक्तित्व और कृतित्व का स्मरण करते हुए कहा कि युवा पत्रकार उनसे प्रेरणा लें। श्री मदन मोहन जोशी ने पत्रकारिता के साथ ही साथ पीड़ित मानवता की सेवा के सामाजिक सरोकारों से भी गहरा नाता जोड़ा है। भोपाल में केंसर अस्पताल उनके प्रयासों का फल है। युवा पत्रकार श्यामलाल यादव को पत्रकारिता के क्षेत्र में नई ऊँचाइयों की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि सूचना का अधिकार भारत में है। इसको उन्होंने देश-दुनिया को दिखाया है। श्री चौहान ने युवा पत्रकारों को सफलता का मंत्र देते हुए बताया कि वे धैर्य के साथ निरंतर प्रयास करें। लक्ष्य के लिए दिल में तड़प और मस्तिष्क को स्थिर रखना जरूरी है। उन्होंने राजनीति में प्रवेश के प्रसंग का स्मरण किया। छात्रों को सात्विक कार्यकर्ता के गुणों को आत्मसात करने के लिए प्रेरित किया। पुरस्कार प्रति वर्ष प्रदान किये जाने के निर्देश दिये। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विश्वविद्यालय की प्रकाशन श्रंखला संचार की भारतीय परम्परा के अंतर्गत साकेत दुबे और मनोज चतुर्वेदी की प्रकाशित पुस्तकों का विमोचन किया। संस्था के अध्यक्ष के रूप में अतिथियों को स्मृति-चिन्ह भेंट किये गये।

सम्मानित पत्रकार मदनमोहन जोशी ने बताया कि मध्यप्रदेश की स्थापना के साथ ही उनका पत्रकारिता में प्रवेश हुआ। पत्रकारिता में कार्य की अपार सम्भावनाएँ हैं। वह मानस का मानसरोवर और ज्ञान का ऐरावत है। पत्रकार श्यामलाल यादव ने कहा कि लोकतंत्र में सबको यथोचित स्थान मिलता है। पत्रकारिता में भी आशावादिता के साथ बिना राग-द्वेष, भय-प्रीत, निरंतर मेहनत करने पर मान-सम्मान के भरपूर अवसर है। कुलपति बृजकिशोर कुठियाला ने अतिथियों के प्रति आभार ज्ञापित किया।

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