पर्यटन क्षेत्र में प्रदेश को छह राष्ट्रीय पुरस्कार

भोपाल, सितम्बर 2015/ पर्यटन के क्षेत्र में उत्कृष्टता के लिए प्रदेश को एक साथ 6 राष्ट्रीय पर्यटन पुरस्कार से नवाजा गया है। राष्ट्रीय महत्व के प्रतिष्ठापूर्ण पुरस्कार राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी ने प्रदेश के पर्यटन राज्य मंत्री श्री सुरेन्द्र पटवा को शुक्रवार को नई दिल्ली में प्रदान किये। समारोह में केन्द्रीय पर्यटन राज्य मंत्री डॉ. महेश शर्मा भी उपस्थित थे।

पर्यटन के समग्र विकास के लिए मध्यप्रदेश को द्वितीय पुरस्कार, सर्वश्रेष्ठ विरासत शहर का पुरस्कार ग्वालियर को मिला। बी. श्रेणी के पर्यटक स्थलों में जन-सुविधा प्रबंधन में खरगोन जिले की महेश्वर नगर परिषद को पहला, पर्यटकों के लिए अनुकूल रेलवे स्टेशन का पुरस्कार हबीबगंज को, बेस्ट मेंटेन्ड डिसएबल्ड फ्रेंडली मान्यूमेंट भोजपुर के शिव मंदिर को, मोस्ट इनोवेटिव एंड यूनिक टूरिज्म प्रोजेक्ट के लिए पर्यटन विकास निगम की इकाई ‘सैरसपाटा’भोपाल को गौरव हासिल हुआ है।

पुरस्कार का यह था पैमाना

पर्यटन के समग्र विकास में द्वितीय पुरस्कार इसलिए मिला कि मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम द्वारा संचालित पर्यटकों की सुविधा में यातायात के महत्व को ध्यान में रखते हुए पर्यटन स्थल की पहुँच के लिए एयर टेक्सी की समुचित व्यवस्था की गई। प्रमुख शहरों से बस सुविधा के मामले में अग्रणी राज्य के रूप में प्रदेश की पहचान बनी। इस व्यवस्था से देश के प्रमुख शहर- दिल्ली, मुम्बई, अहमदाबाद, हैदराबाद,कोलकाता एवं रायपुर आदि से हवाई यात्रा के जरिये पर्यटन स्थलों का पर्यटक लुत्फ लेते हैं। पर्यटकों की मूलभूत सुविधाओं के लिए 70 होटल संचालित किये गये हैं। इनमें तकरीबन 12 होटल आई.एस.ओ.सर्टिफिकेट प्राप्त हैं। तीन सितारा होटल, विरासत होटल एवं अन्य सुविधाओं को उपलब्ध करवाने में प्रदेश की उपलब्धि उल्लेखनीय आँकी गई है। पर्यटकों को पर्यटन क्षेत्र की अधिक जानकारी उपलब्ध हो इसके लिए उच्च गुणवत्ता, कम्प्यूटराइजेशन सुविधा के साथ ही एडवेंचर टूरिज्म,वॉटर टूरिज्म,ईको टूरिज्म, फिल्म टूरिज्म,पर्यटन स्थलों का अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार-प्रसार,सुरक्षा व्यवस्था, स्किल डेवलमेंट प्रोगाम तथा हुनर से रोजगार जैसी योजनाओं का अग्रणी रूप से क्रियान्वयन हुआ है।

सर्वश्रेष्ठ विरासत शहर ग्वालियर के पुरस्कार की वजह रही कि ग्वालियर की शान मोहम्मद गौस का मकबरा,ग्वालियर का किला, जयविलास पैलेस,तानसेन का मकबरा, गुजरी महल,चतुर्भुज मंदिर आदि प्रमुख धरोहर यहाँ मौजूद हैं। ग्वालियर में सिंधिया और उनके पूर्ववर्ती शासकों द्वारा ग्वालियर को विरासत शहर के रूप में बसाया गया था। यहाँ प्रसिद्ध मंदिर, समाधि स्थल के साथ जय विलास पैलेस एवं गुजरी महल संग्रहालय में प्रसिद्ध पुरावशेष उपलब्ध हैं।

होल्कर राजवंश की महारानी अहिल्याबाई की नगरी के नाम से महेश्वर शहर प्रसिद्ध है। यहाँ जन सुविधा प्रबंधन में स्वच्छ महेश्वर अभियान,बायो-टायलेट सुविधा, नर्मदा नदी के घाटों की साफ-सफाई एवं पर्यटकों की सुविधाओं का विशेष ध्यान दिया गया। इसके अलावा महेश्वर साड़ी उद्योग को स्व-सहायता समूह के प्रयास सराहनीय रहे हैं। यहाँ की महेश्वर साड़ी,वस्त्र, दुपट्टा, ड्रेस मटेरियल के मामले में विश्व में अपना स्थान बनाया है।

बेस्ट टूरिस्ट फ्रेंडली रेलवे स्टेशन हबीबगंज की खासियत यह है कि यहाँ अत्याधुनिक सुविधाएँ मौजूद हैं। वातानुकूलित कक्ष,बायो टायलेट,रिटायरिंग कक्ष पर्यटक के लिए उपलब्ध हैं। अनवरत चलने वाली फूड प्लाजा,पूर्व भुगतान टेक्सी सुविधा,उच्च सुरक्षा,सी.सी.टी.वी.की सुविधा के अलावा पर्यटकों को पर्यटन क्षेत्रों की जानकारी के लिए जगह-जगह होर्डिंग तथा साइनेजेस लगाये गये हैं।

बेस्ट मेंटेन्ड एंड डिसेबल्ड फ्रेंडली मान्यूमेंट भोजपुर का शिवमंदिर परमार शासक राजा भोज द्वारा बनवाया गया था। यह मंदिर प्रमुख पर्यटक स्थल के रूप में प्रसिद्ध है। पर्यटकों के लिए बगीचे में बेंच,जन-सुविधाएँ, सांस्कृतिक पटल,सूचना पटल बनवाये गये हैं। इन्टरप्रिटेशन सेंटर के साथ ही असहाय पर्यटकों के लिये रेम्प एवं व्हील चेयर आदि की सुविधायें मुहैया करवाई जाती हैं।

मोस्ट इनोवेटिव एंड यूनिक टूरिज्म प्रोजेक्ट के लिये भोपाल स्थित ‘सैर-सपाटा’ की खासियत यह है कि यह स्थल पर्यटकों के घूमने एवं मनोरंजन के लिए उत्तम स्थान माना गया है। कुल 24.56 एकड़ क्षेत्र में विस्तारित सैर-सपाटा में संगीतबद्ध फव्वारा,बच्चों को खेलने के साधन, रेल (टॉय ट्रेन), 183.20 लम्बा तथा 3.50 मीटर चौड़े सस्पेंशन पुल का निर्माण किया गया है,यह पुल स्थापत्यकला के लिए मशहूर है।

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