पल्स-पोलियो अभियान में पीयेंगे बच्चे दवा

 भोपाल, जनवरी 2015/ पोलियो के कोई भी प्रकरण ना आने के बाद भी ऐहतियातन पल्स पोलियो अभियान का संचालन निरन्तर किया जा रहा है। भारत ने भी अन्य कई देश की तरह विश्व स्वास्थ्य संगठन से वर्ष 2014 में पोलियो उन्मूलन प्रमाण-पत्र प्राप्त किया है। इसके बावजूद 9 देश में पोलियो होने के कारण देश में बच्चों को इस बीमारी से बचाने के लिये समय-समय पर दवा पिलाये जाने का अभियान संचालित किया जाता है।

प्रदेश में रविवार-18 जनवरी को पाँच साल तक के बच्चों को दो बूँद जिन्दगी की पिलवाई जायेगी। इसके साथ ही बच्चों के नियमित टीकाकरण की ड्यू लिस्ट के अनुसार शेष टीकों की जानकारी भी अपडेट की जायेगी। टीकाकरण से छूटे हुए शिशुओं का पंजीयन कर निर्धारित प्रपत्र में जानकारी दी जायेगी। इन परिवारों को प्रोत्साहित कर अगले सत्र में छूटे हुए टीके पूरे करवाये जायेंगे। निर्धारित एमटीसीएस प्रपत्र में इसका अपडेशन तत्काल करवाया जायेगा।

राज्य में बाल सुरक्षा माह में जिन बच्चों ने विटामिन ए, फोलिक ऐसिड, सीरप एलवेन्डाजोल प्राप्त नहीं की है, उनकी सूची तैयार कर सभी सेवाएँ देना सुनिश्चित की जायेगी। द्वितीय चरण में 22 फरवरी को पाँच साल तक के बच्चों को पोलियो से बचाव की दवा पिलवाई जायेगी। राज्य में शत-प्रतिशत गर्भवती महिला पंजीयन और प्रदत्त सेवाओं के अपडेशन का कार्य भी पल्स-पोलियो अभियान का हिस्सा है। प्रमुख सचिव स्वास्थ्य श्री प्रवीर कृष्ण ने आज राज्य में पल्स-पोलियो अभियान की तैयारियों की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिये। उन्होंने अभियान को सफल बनाने के लिये पूरे परिश्रम से कार्य करने को कहा है।

उल्लेखनीय है कि दुनिया में लगभग 350 पंजीकृत पोलियो प्रकरण में 90 प्रतिशत भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान, अफगानिस्तान आदि में है। परिवारों के आवागमन से भारत में पोलियो की आशंका के मद्देनजर पल्स-पोलियो अभियान पूरी गंभीरता से संचालित किया जाता है।

प्रदेश में पोलियो की दवा पाँच साल तक के एक करोड़ 14 लाख लक्षित बच्चों को पिलाई जायेगी। राज्य में लगभग 80 हजार बूथ बनाये गये हैं। इनमें एक लाख 60 हजार वेक्सीनेटर दायित्व निभायेंगे। कुल 9000 ट्रांजिट दल कार्य करेंगे। इस दल के सदस्य पीले रंग की शर्ट में रहेंगे। राज्य में 1400 ऐसे चलित दल भी बनाये गये हैं जो बंजारा और घुमक्कड़ वर्ग के परिवारों तक जाकर बच्चों को दवा पिलायेंगे। रेलवे स्टेशन और बस स्टेंड के अलावा प्रमुख चौराहों पर भी बच्चों को दवा पिलायेंगे का कार्य होगा। प्रदेश में 13 हजार 400 सुपरवाइजर अभियान में शामिल रहेंगे। शिशु विद्यालयों और आँगनवाड़ी केन्द्रों पर दूसरे और तीसरे दिन जाकर छूटे हुए बच्चों को पोलियो वेक्सीन दी जायेगी। कुल एक करोड़ 18 लाख परिवार तक स्वास्थ्य कार्यकर्त्ताओं की पहुँच का लक्ष्य है।

लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने प्रदेश के नागरिकों से अपील की है कि वे पाँच साल के बच्चों को पोलियो से बचाव के लिये दवा पिलवाने निर्धारित केन्द्र तक जरूर ले जायें। रविवार 18 जनवरी को जो बच्चे पोलियो की दवा पीने से वंचित रह जायेंगे, उन्हें 19-20 जनवरी को घरों तक जाकर दवा पिलाने का कार्य किया जायेगा।

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