पाँच हेक्टेयर से कम के गौण खनिज पट्टों को पर्यावरण अनुमति देने की प्रक्रिया तय

भोपाल। राज्य शासन ने 5 हेक्टेयर से कम के गौण खनिजों के उत्खनि-पट्टों को पूर्व पर्यावरण अनुमति देने के लिये राज्य पर्यावरण प्रभाव निर्धारण प्राधिकरण (सिया) द्वारा निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय-सीमा में कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश जिला कलेक्टर्स को दिये हैं। साथ ही प्रमुख सचिव वन विभाग को इसके अनुसार सभी वन मण्डलाधिकारी को यह निर्देश जारी करने को कहा गया है कि वे जिलों में आवेदकों के लम्बित आवेदन-पत्र की जानकारी का समय-सीमा में प्रमाणीकरण करें। सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार 5 हेक्टेयर से कम गौण खनिज की खदानों के लिये पूर्व पर्यावरण अनुमति आवश्यक की गई है। इसके परिप्रेक्ष्य में सिया की 107वीं बैठक में यह प्रक्रिया निर्धारित की गई है।

जिला कलेक्टर्स से कहा गया है कि 5 हेक्टेयर से कम के गौण खनिज की नई खदानों/नवीनीकरण/ नीलाम में स्वीकृत खदानों/अस्थाई अनुज्ञा-पत्र के जो प्रकरण पूर्व पर्यावरण अनुमति के अभाव में लम्बित हैं, उन सभी से निर्धारित आवेदन तथा परिशिष्ट में जानकारी तैयार करवाकर आवेदक के माध्यम से 25 अक्टूबर तक प्रस्तुत करवाया जाये। आवेदकों को इन आवेदन-पत्रों तथा परिशिष्ट को भरने में सहायता के लिये जिले में खनिज/राजस्व विभाग के माध्यम से अथवा अन्य उचित व्यवस्था (हेल्प-डेस्क) की जाये।

सिया के निर्धारित परिशिष्ट की जानकारी, जो आवेदक द्वारा दी जायेगी, का प्रमाणीकरण जिले के वन मण्डलाधिकारी द्वारा किया जाना है। प्रमाणीकरण संबंधित जिले/तहसील के उप-खण्ड मजिस्ट्रेट/तहसीलदार द्वारा किया जाना है। अतः उप-खण्ड मजिस्ट्रेट तथा तहसीलदार को कहा जाये कि पूर्व के लम्बित प्रकरणों का 7 दिवस तथा नये आवेदनों का 15 दिवस में प्रमाणीकरण सुनिश्चित किया जाये।

कलेक्टर्स से कहा गया है कि साप्ताहिक टीएल बैठक में जिले में गौण खनिज की पूर्व पर्यावरण अनुमति के अभाव में कितनी खदानों के अस्थाई अनुज्ञा-पत्र/नवीनीकरण के आवेदन लम्बित हैं एवं कितने आवेदन सिया में दिये गये हैं, इसकी भी समीक्षा की जाये। यह भी देखा जाय कि निर्धारित परिशिष्ट के कितने प्रकरण वन मण्डलाधिकारी तथा उप-खण्ड मजिस्ट्रेट/तहसीलदार के पास लम्बित हैं।

शासन ने सभी जिला खनिज अधिकारी/प्रभारी खनिज शाखा को जिले में कितनी खदानों/अस्थाई अनुज्ञा-पत्र के प्रकरण थे एवं उनमें कितने आवेदन-पत्र सिया में लग चुके हैं, की जानकारी 30 अक्टूबर, 2012 तक संचालक भौमिकी तथा खनि-कर्म को भेजने को कहा है।

इसके अलावा समस्त वन मण्डलाधिकारी को निर्देशित करने को कहा गया है कि पूर्व के समस्त लम्बित आवेदनों में आवेदन प्राप्ति के दिनांक से 7 दिवस में प्रमाणीकरण करें। इसके बाद प्राप्त नये आवेदन-पत्र का 15 दिवस में निराकरण सुनिश्चित करें।

वन मण्डलाधिकारियों को 10 किलोमीटर की परिधि में कोई नेशनल पार्क, अभयारण्य और कोई घोषित जैव-विविधता क्षेत्र स्थित की जानकारी का प्रमाणीकरण करना होगा।

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