प्रदेश केबिनेट में अधोसंरचना विकास के अहम फैसले

भोपाल, अप्रैल 2013/ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई राज्य मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश में अधोसंरचना विकास को गति देने के लिये अहम फैसले हुए हैं। इनमें सड़क, बिजली, सिंचाई तथा नई तहसीलों के निर्माण और उनके लिये जरूरी अमले की मंजूरी जैसे निर्णय शामिल हैं।

सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी

मंत्रि-परिषद की बैठक में 340 करोड़ 62 लाख लागत की तीन नई सिंचाई परियोजनाओं को प्रशासकीय मंजूरी दी गई है। साथ ही 1130 करोड़ 50 लाख की लागत की तीन अन्य सिंचाई परियोजनाओं को पुनरीक्षित स्वीकृति दी गई है।

बीओटी योजना में तीन नई सड़कें

बीओटी (टोल + एन्यूटी) योजना में मध्यप्रदेश रोड डेव्हलपमेंट कार्पोरेशन के माध्यम से 208.62 किलोमीटर लम्बे सड़क मार्गों के निर्माण के लिये 473 करोड़ 71 लाख रुपये की मंजूरी मंत्रि-परिषद ने दी है। इनमें उज्जैन सिंहस्थ बायपास मार्ग, दमोह-कटनी मार्ग और टीकमगढ़ (धजरई)-जतारा-पलेरा-नौगाँव मार्ग शामिल हैं।

बनेंगी तीन नई तहसील

मंत्रि-परिषद ने प्रदेश में तीन नई तहसील बनाने का फैसला लिया है। इनमें पन्ना जिले में सिमरिया, सीधी जिले में बहरी और विदिशा जिले में पठारी शामिल हैं। प्रत्येक नई तहसील में एक तहसीलदार, एक नायब तहसीलदार, 5 सहायक ग्रेड-3 और 6 भृत्य/प्रोसेस सर्वर के पद मंजूर किये गये हैं।

नरसिंहपुर जिले के करेली तहसील के छिड़ावा घाट (सीढ़ी घाट) स्थल, सतधारा घाट और दीपा का मंदिर क्षेत्र और जबलपुर स्थित ग्वारीघाट को पवित्र क्षेत्र घोषित करने का निर्णय भी किया गया।

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