प्रदेश के शिल्पों का प्रदर्शन और विक्रय

भोपाल, मार्च 2013/ मध्यप्रदेश के विभिन्न अंचल के पारम्परिक मिट्टी, धातु, बाँस, पत्थर, लकड़ी, वस्त्र, लोहा आदि के बने शिल्पों का आकर्षक प्रदर्शन और विक्रय 6 मार्च से भोपाल के रवीन्द्र भवन में शुरू होगा। तीन दिन के इस शिल्प समागम में शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे। इनमें नाटक, लोकगीत, लोक-नृत्य, बाल कवि सम्मेलन आदि शामिल है। साथ ही प्रदेश भर के पारम्परिक व्यंजनों के स्टॉल के अलावा जड़ी-बूटियाँ तथा बोन्साई वृक्षों की प्रदर्शनी भी विशेष आकर्षण होंगे।

मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद् द्वारा सृजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से किये जाने वाले इस मेले का शुभारंभ वित्त मंत्री राघवजी और संस्कृति एवं जनसम्पर्क मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा करेंगें। मेले में प्रदेश के सभी 313 विकासखण्ड के स्टॉल होंगे जिनमें संबंधित क्षेत्रों के हस्तशिल्प उत्पादों और विक्रय की व्यवस्था होंगी।

जन-अभियान परिषद् के उपाध्यक्ष प्रदीप पाण्डेय और डा. अजयशंकर मेहता ने कहा कि शिल्प मेले का उद्देश्य परम्पराओं के संवर्धन के साथ-साथ शिल्पकारों को आर्थिक संबल देना है। इस कार्यक्रम से शिल्पकारों को प्रदेश की राजधानी में एक मंच मिल सकेगा।

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