प्रदेश के सभी 360 नगरीय निकाय ई-गवर्न होंगी

भोपाल, अगस्‍त 2013/ प्रदेश में 360 नगरीय निकायों को एक ही रूप में एक ही एप्लीकेशन पर लाये जाने के लिये ‘ई-नगर पालिका परियोजना” लागू किये जाने का निर्णय लिया गया है। यह परियोजना ब्रिटिश सरकार के डिपार्टमेंट फॉर इंटरनेशनल डेव्हलपमेंट (डीएफआईडी) के सहयोग से लागू की जायेगी। परियोजना पर 125 करोड़ खर्च होंगे। इसके लिये नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा टेण्डर की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। परियोजना को पॉयलेट प्रोजेक्ट के रूप में भोपाल नगर निगम में सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है।

प्रदेश में अधिक से अधिक नगरीय सेवाओं को लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत लाये जाने के उद्देश्य से नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा सूचना प्रौद्योगिकी की सहायता से यह पहल की जा रही है। परियोजना लागू होने के बाद सम्पत्ति-कर, जल-कर, जन्म-मृत्यु प्रमाण-पत्र और विवाह पंजीयन जैसी आवश्यक सेवाओं को ऑनलाइन किया जायेगा। ई-गवर्नेंस की सबसे बड़ी खासियत यह रहेगी कि नागरिकों को 24 घंटे सातों दिन बगैर अवकाश के यह सुविधाएँ निरंतर रूप से मिलती रहेंगी। इन सेवाओं के अलावा नागरिक नगरीय निकायों के शुल्क एवं कर के भुगतान भी ऑनलाइन घर बैठे कर सकेंगे। इसके लिये नागरिकों को ई-गवर्नेंस में पेमेंट गेटवे की सुविधा उपलब्ध करवाई जायेगी। नगरीय निकायों को स्वॉन नेटवर्क के जरिये स्टेट डाटा सेंटर से जोड़ा जायेगा। इस सुविधा का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि नगरीय निकाय के आंकड़ों का उपयोग उनकी योजना बनाने में किया जा सकेगा। नगरीय निकायों को उपलब्ध करवाई जा रही इस प्रणाली को ज्योग्राफिकल इन्फार्मेशन सिस्टम (जीआईएस) से भी जोड़ा जायेगा। प्रदेश में 360 नगरीय निकाय में 14 नगर निगम, 100 नगर पालिका परिषद, 246 नगर परिषद हैं।

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