प्रदेश को लगातार तीसरी बार कृषि कर्मण अवार्ड

भोपाल, फरवरी 2015/ कृषि उत्पादन के क्षेत्र में लगातार सफलता अर्जित कर रहे मध्यप्रदेश को आज राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ में गेहूँ उत्पादन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये 2 करोड़ सहित, प्रतिष्ठित कृषि कर्मण अवार्ड प्रदान किया गया। लगातार तीसरी बार यह सम्मान हासिल कर प्रदेश गौरवान्वित हुआ है। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में गेहूँ का क्षेत्रफल और उत्पादन तथा उत्पादकता में बहुत तेजी से वृद्धि हुई है, जिससे प्रदेश के किसान भी उत्साहित हुए हैं।

प्रदेश के एक-एक महिला और पुरुष किसान को भी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के हाथों कृषि कर्मण अवार्ड हासिल हुआ। इन्हें पुरस्कार के रूप में ट्राफी के साथ एक-एक लाख रुपये दिये गये। सम्मानित होने वाली महिला कृषक खंडवा जिले के केहलारी ग्राम की प्रगतिशील कृषक श्रीमती रेखा सैनी हैं। इन्होंने अपनी कुल 1.820 हेक्टेयर भूमि को आदर्श प्रक्षेत्र के रूप में विकसित किया है। इस रकबे में से कुल एक हेक्टेयर क्षेत्र ही सिंचित है, श्रीमती सैनी इस भूमि का प्रयोग अधिकतम उत्पादन के लिये करती हैं। वर्ष 2013 में इनके द्वारा गेहूँ की किस्म एचआई 1544 ली गई जिसमें सभी उन्नत कृषि तकनीकी अपनाने से इन्हें 47 क्विंटल 20 किलो का उत्पादन मिला जबकि खंडवा जिले और विकासखंड की सामान्य औसत उपज 32 क्विंटल 20 किलो ही है। इस प्रकार प्रति हेक्टेयर रुपये 44 हजार 410 की आय अर्जित कर, उन्होंने किसानों के सामने एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया।

भोपाल के पास फंदा विकासखंड के ग्राम परवलिया सड़क के जैविक किसान मनोहर पाटीदार की कृषि विकास गतिविधियों में लगातार सक्रियता से अलग पहचान बनी है। भारत सरकार के अधिकारियों ने भी इनके प्रक्षेत्र का अवलोकन कर सराहना की है।

आधुनिक खेती के सभी यंत्र और उपकरणों का प्रयोग करने वाले मनोहर पाटीदार, इसके बिल्कुल विपरीत पुरातन पद्धति पर आधारित जैविक खेती के प्रयोग करने में भी अग्रणी हैं। पिछले वर्ष में पाटीदार ने अपने 2.279 हेक्टेयर रकबे में गेहूँ की जीडब्ल्यू 366 किस्म बोई जिसमें अनुशंसित उर्वरक की मात्रा के साथ गोबर की खाद का भी समुचित प्रयोग किया। पाटीदार द्वारा अपनाई गई तकनीक के परिणाम ने उनके साथ ही क्षेत्रीय किसानों और कृषि वैज्ञानिकों को भी चौंका दिया। उन्हें प्राप्त गेहूँ की उपज भोपाल जिले की औसत उपज 30 क्विंटल से बहुत अधिक थी। इस प्रकार गेहूँ उत्पादन से उन्होंने 1 लाख 23 हजार रुपये का शुद्ध लाभ मिला, जो खेती को लाभ की दिशा में ले जाने के प्रयासों के लिये प्रकाश स्तम्भ सा है।

प्रदेश के कृषि मंत्री गौरीशंकर बिसेन, कृषि उत्पादन आयुक्त आर.के. स्वाईं, प्रमुख सचिव डॉ. राजेश राजौरा तथा कृषि संचालक मोहन लाल के साथ कृषि विभाग इन दोनों किसान को बधाई और शुभकामनाएँ दी हैं।

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