प्रदेश को लगातार तीसरी बार कृषि कर्मण पुरस्कार

भोपाल, फरवरी 2015/ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 19 फरवरी को राजस्थान के गंगानगर जिले के सूरतगढ़ में मध्यप्रदेश को कृषि कर्मण अवार्ड से पुरस्कृत करेंगे। कृषि के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिये मध्यप्रदेश को लगातार तीसरी बार कृषि कर्मण पुरस्कार मिल रहा है। पुरस्कार में ट्रॉफी, प्रशस्ति-पत्र और 2 करोड़ की राशि दी जायेगी।

मध्यप्रदेश को वर्ष 2011-12 तथा 2012-13 में सम्पूर्ण खाद्यान्न के लिये कृषि कर्मण पुरस्कार मिल चुका है। वर्ष 2013-14 में गेहूँ उत्पादन में देश में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिये मध्यप्रदेश को यह पुरस्कार दिया जा रहा है।

कृषि के क्षेत्र में मध्यप्रदेश ने वर्ष 2011-12 में 19.85, वर्ष 2012-13 में 20.16 तथा वर्ष 2013-14 में 24.99 प्रतिशत (प्रावधानित) वृद्धि दर प्राप्त की है।

मध्यप्रदेश में वर्ष 2013-14 में 174.78 लाख मीट्रिक टन गेहूँ का उत्पादन हुआ। गेहूँ की उत्पादकता में विगत वर्ष 20.15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। मध्यप्रदेश द्वारा गेहूँ में उत्पादकता में विगत वर्ष 20.15 फीसदी की वृद्धि करते हुए प्रति हेक्टेयर औसत 29.76 क्विंटल गेहूँ का उत्पादन प्राप्त किया गया। मध्यप्रदेश में गेहूँ 57 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में लिया जाता है। प्रदेश में वर्ष 2014-15 में 200 लाख मीट्रिक टन गेहूँ उत्पादन का अनुमान है।

कृषि प्रोफाइल

कृषि योग्य भूमि 154.55 लाख हेक्टेयर

पड़त भूमि 8.68 लाख हेक्टेयर

खरीफ क्षेत्र 124.65 लाख हेक्टेयर

रबी क्षेत्र 112.15 लाख हेक्टेयर

द्विफसलीय क्षेत्र 77.78 लाख हेक्टेयर

कुल कृषि क्षेत्र 232.33 लाख हेक्टेयर

फसल सघनता 150 प्रतिशत

सिंचित क्षेत्र (नहर, ट्यूबवेल, कुएँ) 90 लाख हेक्टेयर

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