प्रदेश में दस हजार रजिस्‍टर्ड मजदूरों और उनके आश्रितों को मिलेगा प्रशिक्षण

भोपाल। प्रदेश सरकार द्वारा श्रमिकों के कौशल का उन्नयन कर उन्हें बेहतर आजीविका के अवसर उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से अभिनव पहल की गई है। इसके तहत राज्य में दस हजार पंजीकृत श्रमिकों को प्रशिक्षण देने की योजना तैयार की गई है। श्रम विभाग द्वारा इस दिशा में प्रयास शुरू कर दिए गए हैं। इस सिलसिले में भोपाल में सीपेट द्वारा 150 श्रमिकों और उनके आश्रितों को प्रशिक्षण की शुरूआत की गई।

सेन्ट्रल इंस्टीट्यूट आफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नालाजी गोविंदपुरा में इस कौशल उन्नयन प्रशिक्षण के शुरूआती सत्र में प्रमुख सचिव अजय तिर्की ने कहा कि प्रदेश में इस वर्ष 10,000 श्रमिकों और उनके आश्रितों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। सीपेट द्वारा प्रशिक्षण देने के बाद प्रशिक्षण प्राप्त सभी श्रमिकों और उनके आश्रितों को रोजगार दिलाना भी सुनिश्चित होगा।

श्री तिर्की ने कहा कि श्रम विभाग द्वारा वृहद पैमाने पर कौशल उन्नयन के माध्यम से श्रमिकों और उनके आश्रितों को आजीविका उपलब्ध करवाने के लिए विभिन्न ट्रेडस में तीन से छः माह की अवधि के प्रशिक्षण कार्यक्रम डिजायन किए गए हैं। लगभग 50 हजार रूपये एक प्रशिक्षणार्थी पर व्यय करने के साथ ही श्रम विभाग आधुनिक तकनीक से कौशल उन्नयन का प्रशिक्षण देने वाले संस्थानों के साथ प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित कर रहा है। पहला कार्यक्रम सीपेट भोपाल के साथ आज शुरू हुआ। विभाग ऐसे अन्य प्रशिक्षण संस्थानों से भी प्रशिक्षण आयोजित करने के लिए संपर्क करेगा।प्रमुख सचिव ने कहा कि सीपेट द्वारा सभी प्रशिक्षित श्रमिकों को अनिवार्य रूप से प्लेसमेंट भी दिलाया जायेगा।

उल्लेखनीय है कि सीपेट द्वारा भोपाल जिले के 150 श्रमिकों और उनके आश्रितों को प्रशिक्षण देने का कार्यक्रम तैयार किया गया है। जिले के 18 से 45 वर्ष आयु के 8वीं और 10वीं पास श्रमिकों और उनके आश्रितों को प्लास्टिक प्रोसेसिंग, कम्प्यूटर, इलेक्ट्रिशियन जैसे आधुनिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों से प्रशिक्षित किया जाएगा।

मध्यप्रदेश भवन एवं अन्य संनिर्माण कर्मकार मण्डल द्वारा प्रदेश में वर्ष 2012-13 में 10 हजार पंजीकृत श्रमिकों और उनके आश्रितों को विभिन्न ट्रेडस में प्रशिक्षण देने की कार्ययोजना तैयार की गई है। इसी सिलसिले में मण्डल ने हाल ही में इण्डो-जर्मन टूल रूम तथा सेन्ट्रल इन्स्टीटयूट ऑफ प्लास्टिक इंजीनियरिंग एण्ड टेक्नालॉजी के साथ एक एम.ओ.यू. हस्ताक्षरित किया है।

 

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