प्रदेश में साढ़े आठ वर्ष में 4195 मेगावॉट की क्षमता-वृद्धि

भोपाल। देश में बिजली की बढ़ती हुई माँग को देखते हुए विद्युत उत्पादन की स्थापित क्षमता बढ़ाने के लिये किये गये सघन प्रयासों के फलस्वरूप प्रदेश में गत साढ़े 8 वर्ष में कुल 4195 मेगावॉट की क्षमता-वृद्धि की गई है। वर्तमान में प्रदेश की कुल स्थापित क्षमता 9437 मेगावॉट (केन्द्रीय उपक्रमों की क्षमता 2524 मेगावॉट शामिल है) हो गई है।

प्रदेश में अगले तीन वर्ष में करीब 6679 मेगावॉट विद्युत उत्पादन क्षमता-वृद्धि करने का लक्ष्य रखा गया है। वर्ष 2012-13 में विद्युत उत्पादन की नई परियोजनाओं के निर्माण तथा विद्यमान उत्पादन केन्द्रों के नवीनीकरण तथा सुदृढ़ीकरण के कार्यों के लिये लगभग 4954 करोड़ रुपये व्यय किये जायेंगे।

निजी कम्पनियों के माध्यम से भी प्रदेश की विद्युत उत्पादन क्षमता-वृद्धि के लिये 43 कम्पनियों से करीब 64 हजार 570 मेगावॉट की विद्युत परियोजनाएँ लगाये जाने के लिये समझौता-ज्ञापन हस्ताक्षरित किये गये हैं। एक कम्पनी द्वारा उत्पादन प्रारंभ कर दिया गया है। कुछ कम्पनियों द्वारा निर्माण कार्य शुरू कर दिये गये हैं।

प्रदेश में बिजली की बढ़ती हुई माँग को ध्यान में रखते हुए विद्युत उत्पादन की स्थापित क्षमता में वृद्धि के लिये किये जा रहे कारगर प्रयासों के चलते तीन मार्च, 2012 को 8546 मेगावॉट अधिकतम माँग की पूर्ति की गई है। यह प्रदेश के इतिहास में सर्वाधिक है। गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष 8 प्रतिशत अधिक विद्युत नेटवर्क में प्रवाहित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसके विरुद्ध इस वर्ष प्रथम त्रैमास में 12 प्रतिशत अधिक विद्युत प्रदाय की गई है।

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