प्रदेश में 5 लाख आवासीय इकाई निर्माण का लक्ष्य

भोपाल, फरवरी 2016/ प्रधानमंत्री आवास योजना के घटक-2 ‘क्रेडिट से जुड़ी सबसिडी के माध्यम से किफायती आवास” पर राज्य-स्तरीय कार्यशाला हुई। नेशनल हाउसिंग बेंक के माध्यम से हुई कार्यशाला में प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं पर्यावरण मलय श्रीवास्तव ने प्रदेश के सभी नगरीय निकाय में आवासीय हितग्राहियों को आवास उपलब्ध करवाये जाने के लिये राज्य के शासकीय संस्थानों के साथ निजी डेव्हलपर और वित्तीय संस्थानों को सहयोग देने को कहा। योजना के हितग्राहियों पर विश्वास कर ऋण उपलब्ध करवाना और योजना का अधिक से अधिक प्रचार-प्रसार किया जाना चाहिये।

आयुक्त-सह-सचिव विवेक अग्रवाल ने बताया कि राज्य सरकार के दृष्टि-पत्र में 5 लाख आवासीय इकाई के निर्माण का लक्ष्य गया है। निम्न आय वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर आय के व्यक्तियों के सामाजिक विकास के लिये मिश्रित आवास का निर्माण किया जाये। श्री अग्रवाल ने बताया कि आने वाले 3 से 5 वर्ष में प्रदेश में अधोसंरचना विकास के लिये लगभग 50 हजार करोड़ की राशि का निवेश भारत और राज्य सरकार तथा अन्य राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय संस्थाओं से प्रस्तावित है। उन्होंने कहा कि आने वाले कुछ वर्ष में मध्यप्रदेश देश के निवेश डेस्टिनेशन के रूप में अग्रणी राज्य होगा।

मिशन संचालक अपर आयुक्त प्रियंका दास ने कहा कि योजना में अभी तक 36 शहर के एक लाख हितग्राही को चिन्हित किया गया है। इन्हें ऋण उपलब्ध करवाकर, योजना को सफल बनाने में वित्तीय संस्थाओं की अहम भूमिका होगी।

पुलिस हाउसिंग बोर्ड के एडीजी श्री संजय राणा ने कहा कि राज्य के निम्न आय और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के पुलिस कर्मचारियों के लिये इंदौर, भोपाल, जबलपुर और ग्वालियर में 20 हजार आवासीय इकाई के निर्माण की योजना तैयार की गयी है।

नेशनल हाउसिंग बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर श्रीराम कल्याण रमन ने बताया कि बेंक और हडको को भारत सरकार के आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्रालय ने योजना के क्रियान्वयन के लिये सेंट्रल नोडल एजेंसी नियुक्त किया है। एजेंसी द्वारा वित्तीय संस्थानों को ब्याज अनुदान की राशि 30 दिन के अंदर उपलब्ध करवा दी जायेगी। बैंक द्वारा राज्य की सभी निर्माण एजेंसी को गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास के लिये 6.12 प्रतिशत की रियायती दर पर ऋण उपलब्ध करवाया जा सकता है।

कार्यशाला में भोपाल, देवास, राजगढ़, ब्यावरा और होशंगाबाद शहर के हितग्राही को ऋण स्वीकृति दस्तावेज भी दिये गये। मध्यांचल ग्रामीण बैंक और नेशनल हाउसिंग बैंक के बीच योजना के क्रियान्वयन के लिये एमओयू भी हुआ।

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