प्रवासी भारतीयों की सुविधा के लिये अलग विभाग

भोपाल, अप्रैल 2015/ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में सम्पन्न मंत्रि-परिषद् की बैठक में प्रवासी भारतीयों को मध्यप्रदेश के विकास के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में जोड़ने में सुविधा के लिये प्रवासी भारतीय विभाग के गठन का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही प्रदेश में अब 64 विभाग हो जायेंगे।

प्रवासी भारतीय विभाग प्रवासी भारतीयों से संबंधित सभी मामले देखेगा। यह उन्हें मध्यप्रदेश में निवेश में भी सहयोग करेगा। प्रवासी भारतीय/भारतीय मूल के विद्यार्थियों को मध्यप्रदेश के विभिन्न शैक्षणिक, तकनीकी शिक्षा और सांस्कृतिक संस्थानों में प्रवेश से संबंधित सूचना एकत्र करने और प्रसारण का काम भी करेगा। इन विद्यार्थियों के लिये छात्रवृत्ति से संबंधित कार्य यह विभाग देखेगा।

विदेश में रहने वाले भारतीय समुदाय और मध्यप्रदेश के बीच मजबूत कड़ी स्थापित करने के लिये मार्केटिंग और संचार की रणनीति बनाने, विदेश में कौशल-सम्पन्न जन-शक्ति की आवश्यकता की पूर्ति के लिये व्यावसायिक और तकनीकी प्रशिक्षण देने वाले संस्थानों की स्थापना, व्यापार, संस्कृति, पर्यटन, मीडिया, युवाओं के मामले, स्वास्थ्य शिक्षा, विज्ञान एवं प्रोद्यौगिकी जैसे क्षेत्रों में प्रवासी भारतीयों के लिये नई पहल करने, विभाग के कार्य-कलापों के प्रभावी अमल के लिये केन्द्रीय मंत्रालयों के साथ आवश्यक समन्वय, फ्रेंडस ऑफ मध्यप्रदेश एवं ग्लोबल टेलेण्ट पूल योजना तथा प्रवासी भारतीयों से संबंधित विषयों पर अंतर्राज्यीय, राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय समन्वय का दायित्व भी इस विभाग के पास होगा।

उल्लेखनीय है कि हाल ही में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ग्लोबल टेलेण्ट पूल की स्थापना की पहल की है। इसके लिये फ्रेंडस ऑफ एमपी नाम का पोर्टल भी शुरू किया गया है। मुख्यमंत्री की अमेरिका यात्रा के दौरान उनकी वहाँ रहने वाले प्रवासी भारतीयों और भारतीय मूल के लोगों के साथ उनकी चर्चा के परिप्रेक्ष्य में इस विभाग का गठन किया गया है।

मंत्रि-परिषद् ने शाजापुर जिले में दो नई तहसील अवंतीपुर बड़ोदिया और पोलायकला के सृजन का निर्णय लिया। इसके लिये एक-एक तहसीलदार, एक-एक नायब तहसीलदार सहित 13-13 पद का सृजन करने की स्वीकृति दी गई है।

9500 करोड़ की प्रत्याभूति

मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कार्पोरेशन लिमिटेड को मध्यप्रदेश में समर्थन मूल्य विकेन्द्रीकृत योजना में गेहूँ, धान और मोटे अनाज के उपार्जन, सार्वजनिक वितरण प्रणाली और अन्य शासकीय योजना के संचालन के लिये ऋण प्राप्त करने के लिये 9500 करोड़ रुपये की नि:शुल्क शासकीय प्रत्याभूति स्वीकृत करने का निर्णय लिया। यह प्रत्याभूति एक अप्रैल, 2015 से 31 मार्च, 2016 तक की अवधि के लिये है।

मंत्रि-परिषद् ने ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2014 के आयोजन के लिये सीआईआई के लिये निर्धारित बजट 11 करोड़ 60 लाख के स्थान पर पुनरीक्षित बजट 16 करोड़ 56 लाख की स्वीकृति प्रदान की है।

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