बच्चों में विज्ञान शिक्षा का लोकव्यापीकरण जरूरी

भोपाल, अप्रैल 2015/ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान से यहाँ निवेशकों ने भेंट की। निवेशकों द्वारा राज्य शासन के निवेश फ्रेंडली वातावरण की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार ज्ञापित किया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों में विज्ञान शिक्षा का लोकव्यापीकरण आवश्यक है। इस दिशा में प्रभावी और सकारात्मक प्रयासों को सरकार का पूरा सहयोग मिलेगा। अगस्तया इन्टरनेशनल फाउन्डेशन द्वारा पॉयलट प्रोजेक्ट शुरू करने और उसके प्रभावों के मूल्यांकन के बाद संपूर्ण प्रदेश में परियोजना विस्तार के संबंध में विचार कर कार्रवाई के निर्देश दिये।

मुख्यमंत्री को अगस्तया इन्टरनेशनल बैंगलुरु के चेयरमेन रामजी राघवन ने प्रदेश के बच्चों में वैज्ञानिक प्रयोगों के शिक्षण और प्रशिक्षण के माध्यम से वैज्ञानिक सोच, खोजपरक बौद्धिकता विकसित करने के प्रोजेक्ट की जानकारी दी। प्रदेश के प्रत्येक जिले में एक साइंस सेंटर एवं दो मोबाइल वेन स्थापित करने का प्रस्ताव दिया। फाउन्डेशन द्वारा देश में 125 मोबाइल वेन और 50 साइंस सेंटर के माध्यम से विज्ञान शिक्षा प्रसार के कार्य किये जा रहे हैं। प्रत्येक मोबाइल वेन में बच्चों में जिज्ञासा, आविष्कार की सृजनात्मक क्षमता बढ़ाने से संबंधित 150 प्रयोग का प्रदर्शन किया जाता है। वेन के साथ दो अनुदेशक भी रहते हैं जो बच्चों को विज्ञान का शिक्षण देने के साथ ही यंग टीचर्स भी तैयार करते हैं। देश में करीब 10 हजार ऐसे शिक्षक और 60 लाख बच्चों के मध्य संस्था कार्य कर रही है। प्रदेश के ग्वालियर और भोपाल में संस्थान का एक-एक साइंस सेंटर और 3 मोबाइल वेन संचालित है। प्रदेश में प्रस्तावित परियोजना के संबंध में बताया कि पूंजीगत व्यय कॉर्पोरेट सोशल रेस्पान्सबिलिटी के माध्यम से प्राप्त होगा। संचालन व्यय में राज्य सरकार के सहयोग की जरूरत होगी।

इस अवसर पर मेसर्स स्नोलियोपर्ड एडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध संचालक अजीत बजाज ने प्रदेश में रोमांच पर्यटन की सम्भावनाओं और संचालन संबंधी विषयों पर चर्चा की।

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