बाँस काटने वाले श्रमिकों को पहली बार मिला लाभांश

बालाघाट। मध्‍यप्रदेश सरकार ने समाज के कमजोर तबकों के लिए एक और महत्‍वपूर्ण पहल करते हुए बॉंस काटने वाले श्रमिकों को बोनस देने की शुरुआत की है। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बालाघाट जिले के अनुसूचित जनजाति बहुल विकास खंड बिरसा के मलाजखंड में बाँस की कटाई करने वाले श्रमिकों को पहली बार शत प्रतिशत लाभांश प्रदान कर मेहनतकशों को उनका हक देकर पूरे देश में मिसाल कायम की। इन श्रमिकों को 58 हजार नोशनल टन से अधिक बाँस के उत्पादन और विक्रय से 8 करोड़ 57 लाख 59 हजार की लाभांश राशि दी जायेगी।

मुख्यमंत्री ने तेन्दूपत्ता संग्राहकों को भी प्रतीक रूप में बोनस राशि प्रदान की। करीब 73 हजार 574 तेन्दूपत्ता संग्राहकों को 7 करोड़ 14 लाख 97 हजार रूपये की राशि दी जा रही है। समारोह में विभिन्न योजनाओं के 95 हजार 635 हितग्राही को 90 करोड़ 68 लाख 37 हजार रूपये का लाभ दिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्रमिकों की उन्नति के लिए बाँस की कटाई से मिलने वाली मजदूरी ही पर्याप्त नहीं है। राज्य शासन ने निर्णय किया है कि बाँस के व्यापार से शासन को मिलने वाले लाभांश की शत-प्रतिशत राशि श्रमिकों को मिलेगी। उन्होंने कहा कि देश, प्रदेश, जंगल, जमीन, जल सब कुछ आपका ही है।  वनोपजों का राज्य सरकार ने समर्थन मूल्य निश्चित कर आदिवासियों की आर्थिक स्थिति बेहतर बनाने का प्रयास किया है। पात्र परम्परागत वन निवासियों और आदिवासियों को वनाधिकार-पत्र दिये जा रहे हैं। उन्हें शासन की योजनाओं का लाभ भी दिया जा रहा है। वनाधिकार-पत्र में पति-पत्नी दोनों के नाम शामिल करने के निर्देश हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे गरीब परिवार, जो लम्बे समय से झोपड़पट्टी में रहते हैं और उनके पास रहने के लिये छत नहीं है, को आवास हेतु भूमि के पट्टे दिये जायेंगे। पट्टे बाँटने का अभियान शीघ्र शुरू किया जायेगा। केन्द्र सरकार से इन्दिरा आवास कुटीर योजना में प्रदेश को अधिक आवास प्रदान करने का अनुरोध किया गया है। यदि केन्द्र सरकार इस योजना में प्रदेश का लक्ष्य नहीं बढ़ाती है तो राज्य सरकार द्वारा अंत्योदय मुख्यमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना आदि की योजनाओं में गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध करवाने का कार्य शुरू किया जायेगा।

श्री चौहान ने बताया कि इस वर्ष नवम्बर माह से प्रत्येक सरकारी अस्पताल से दवाइयाँ मुफ्त मिलेंगी। उन्होंने कहा कि यह व्यवस्था लागू करने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य बनेगा।

युवाओं को शालेय तथा उच्च शिक्षा प्रदान करने में आने वाली आर्थिक बाधाएँ राज्य शासन ने अनेक योजनाएँ बनाकर दूर कर दी हैं। राज्य सरकार व्यवसाय प्रारम्भ कर स्वरोजगार में स्थापित होने के इच्छुक युवाओं को बैंक से ऋण दिलाने की योजना लागू करेगी। इस योजना में ऋण राशि का ब्याज राज्य सरकार द्वारा वहन किया जायेगा। योजना निर्माण की कार्रवाई चल रही है।

किसानों और कृषि के सर्वांगीण विकास के लिये कृषि को लाभ का व्यवसाय बनाने के लिये राज्य सरकार ने व्यापक कार्य किये हैं। बालाघाट धान फसल की प्रधानता वाला जिला है। राज्य सरकार ने धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य पर प्रति क्विंटल 50 रूपये की बोनस राशि को बढ़ाकर 100 रुपये कर दिया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वे बालाघाट की जनता का बहुत सम्मान करते हैं क्योंकि यहां स्त्री-पुरूष लिंगानुपात समान है। यहाँ के लोग बेटियों को प्यार देते हैं।

घोषणाएँ

मुख्यमंत्री ने मलाजखंड की जल आवर्धन योजना के लिए 18 करोड़ 87 लाख की राशि मंजूर करने की घोषणा की। उन्होंने बैहर की पेयजल योजना के लिए जरूरी राशि देने गोवारी-देवाटोला मार्ग एवं परसवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में खैरलांजी-सरेखा मार्ग पर उच्च-स्तरीय पुल निर्माण, बैहर में अतिरिक्त कलेक्टर एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक की पदस्थापना, मलाजखंड नगर पालिका एवं बैहर नगर पंचायत को 3-3 करोड़ रूपये देने तथा बैहर कॉलेज में एम.एस-सी. तथा मलाजखंड कॉलेज में बी.काम की कक्षाएँ प्रारंभ करने संबंधी घोषणाएँ कीं। बालाघाट-बैहर मार्ग का टेंडर हो चुका है।

ब्याज जीरो किसान हीरो

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने कहा कि बालाघाट जिले में इस वर्ष धान का रिकार्ड उत्पादन होने का अनुमान है। प्रदेश सरकार ने धान के समर्थन मूल्य पर 100 रुपये प्रति क्विंटल का बोनस देने का निर्णय लिया है। धान के ई-उपार्जन के लिए किसानों का पंजीयन किया गया है। किसानों को इस वर्ष से शून्य प्रतिशत ब्याज पर कर्ज दिया गया है। ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक घर में नल का पानी पहुँचाने के लिए मुख्यमंत्री ग्रामीण नल-जल योजना बनाई गई है। प्रदेश में सतही जल का भरपूर उपयोग करने के लिए समूह पेयजल योजनाएँ बनाई गई हैं। हाल ही में 27 समूह पेयजल योजनाओं को मंजूरी दी गई है जिनमें बालाघाट जिले की 94 करोड़ लागत की 6 योजनाएँ शामिल हैं।

आदिवासियों को एक लाख फिल्टर बँटेंगें

वन मंत्री सरताज सिंह ने बताया कि बाँस की कटाई एवं डिपो का खर्च काटने के बाद बचा सारा लाभांश मजदूरों को बाँट दिया जायेगा। उन्होंने जानकारी दी कि तेंदूपत्ता संग्राहकों को अगले वर्ष माह मई-जून में ही बोनस बाँट दिया जायेगा और अगले वर्ष बोनस भी दो गुना अधिक मिलेगा। श्री सिंह ने कहा कि वन विभाग आगामी दिसम्बर तक आदिवासियों को जल शुद्धिकरण के लिए एक लाख फिल्टर बाँटेगा।

ज्ञान सिंह को मिला 69 हजार का बाँस लाभांश

कार्यक्रम में किसी भी श्रमिक को 5 हजार से कम का लाभांश नहीं मिला। ग्राम बोदादलखा के ज्ञानसिंह को 69 हजार 365, संभूटोला के भैयालाल को 50 हजार 372, बोदादलखा के कुंजीलाल को 45 हजार 612, गोवारीटोला लांजी के प्रेमसिंह को 42 हजार 611 रुपये तथा ग्राम कनेरी के फूलचंद को 48 हजार 511 रुपये का लाभांश मिला।

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