बेहतर सड़कें राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता

भोपाल। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि बेहतर सड़कें राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इनका समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निर्माण करें। अच्छी सड़कें प्रदेश की पहचान होती हैं। श्री चौहान यहाँ प्रशासन अकादमी में लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं की कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे। कार्यशाला में लोक निर्माण मंत्री नागेन्द्र सिंह और मुख्य सचिव आर.परशुराम भी उपस्थित थे।

श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश के विकास में सड़कों का महत्वपूर्ण योगदान है। बेहतर सड़कों से विकास की गति बढ़ती है। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अभियंताओं से कहा कि अपनी पूरी क्षमता से कार्य करें और विकसित मध्यप्रदेश के निर्माण में सहयोग करें। प्रदेश की रोड कनेक्टिविटी को बेहतर बनाये तथा देखें कि हर मजरा-टोला सड़कों से जुड़े। लोक निर्माण विभाग के सामने यह एक बड़ी चुनौती है। अच्छी सड़कों के बनने से ग्रामों में तेजी से विकास होगा। विभाग ने ई-टेंडरिंग की प्रक्रिया लागू कर महत्वपूर्ण सुधार किया है। इसे ई-पेमेंट और ई-मेजरमेंट तक बढ़ाये। निर्माण कार्यों में लगे ठेकेदारों को अपेक्षित सहयोग करें। साथ ही घटिया काम करने वाले ठेकेदार के विरूद्ध कठोर कार्रवाई करें।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में पिछले वर्ष विकास दर 11.98 प्रतिशत रही है जिसमें बेहतर सड़कों का भी योगदान है। पुरानी सड़कों के सुधार पर विशेष रूप से जोर देते हुए श्री चौहान ने आवंटित राशि का समय पर गुणवत्तापूर्ण उपयोग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि विभाग में श्रेष्ठ काम करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को पुरस्कृत किया जायेगा।

कार्यशाला में श्री चौहान ने विभाग के मुख्य अभियंता, अधीक्षण यंत्री और कार्यपालन यंत्रियों से सीधे चर्चा कर उनके क्षेत्र में तय किये गये लक्ष्य और अब तक किये गये कार्यों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय-सीमा में लक्ष्यों की पूर्ति अनिवार्य रूप से की जाये। सड़क निर्माण संबंधी कार्यों के लिये धन की कोई कमी नहीं है। जिला स्तर पर बनाई गई टेस्टिंग लेब का उपयोग कर गुणवत्ता सुनिश्चित करें। अप्रैल माह के पहले सप्ताह में वे स्वयं फिर से समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री अपने भ्रमण के दौरान भी सड़क निर्माण संबंधी कार्यों का अवलोकन करेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कलेक्टरों को निर्देश दिये जा रहे हैं कि वे लोक निर्माण विभाग के इंजीनियरों को सप्ताह में केवल एक दिन बैठक के लिये बुलाये ताकि वे शेष दिनों में फील्ड पर रहकर कार्यों को गति दे सकें। उन्होंने सड़क विकास निगम के कार्यों तथा परियोजना क्रियान्वयन इकाइयों के कार्यों की भी समीक्षा करते हुए कहा कि पूर्ण क्षमता और गुणवत्ता नियंत्रण पर ध्यान देकर तेजी से काम करें।

आरंभ में मंत्री नागेन्द्र सिंह ने कार्यशाला के उद्देश्यों की जानकारी देते हुए कहा कि प्रदेश की प्रगति सड़कों के विकास से जुड़ी है। पिछले नौ वर्षों में 29 हजार किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया गया है। परियोजना क्रियान्वयन इकाइयों के गठन के बाद भवन निर्माण के कार्यों में तेजी आयी है। इन इकाइयों के माध्यम से करीब 2000 करोड़ रूपये के कार्य किये जायेंगे। सड़क विकास निगम द्वारा करीब 30 हजार करोड़ रूपये के सड़क निर्माण संबंधी कार्य किये जा रहे हैं।

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