बड़े शहरों की सीमा बढ़ेगी

भोपाल: इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर नगर निगम सीमा की सीमा बढ़ाने के साथ ही यहां अवैध कालोनियों को वैध करने की प्रक्रिया तेज की जाएगी। प्रत्येक बड़े शहर में एक उत्कृष्ट सड़क बनेगी। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने नगरीय प्रशासन विभाग की समीक्षा बैठक में ये निर्देश दिये। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश के सभी हाथ-ठेला चालक और साईकिल रिक्शा चालक अगले एक साल में अपने हाथ ठेला और साईकिल रिक्शा के मालिक बना दिए जाएं। बैठक में बताया गया कि अब तक वित्तीय सहायता देकर 40 हजार हाथ ठेला,रिक्शा चालकों को मालिक बनाया गया है। शेष 50 हजार को एक साल के भीतर मालिक बनाया जायेगा। बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री बाबूलाल गौर, राज्य मंत्री मनोहर ऊँटवाल और मुख्य सचिव आर.परशुराम भी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रसिद्ध तीर्थस्थल चित्रकूट और ओरछा के विकास के लिये विशेष योजना बनायें। नगरीय निकायों के लिये प्रोग्रेस रेटिंग सिस्टम लागू करें। शहरी क्षेत्र की 20 पेयजल योजनाओं के लिये दूसरी किस्त नहीं मिलने के सम्बन्ध में वे केन्द्रीय वित्त मंत्री से मिलेंगे। सिंहस्थ की तैयारियां अभी से शुरू करें। भोपाल, ग्वालियर, सागर, बुरहानपुर की सड़कों के लिये स्वीकृत कार्यों को समय-सीमा में पूरा करवाएं।

शहरी यांत्रिकी सेवा बनेगी

बैठक में बताया गया कि नगरीय निकायों के लिये शहरी यांत्रिकी सेवा गठित की जायेगी। स्वर्ण जयंती शहरी रोजगार योजना में व्यक्तिगत ऋण प्रकरणों में बीते वित्तीय वर्ष में 216 प्रतिशत की उपलब्धि के साथ मध्यप्रदेश देश में तीसरे स्थान पर है। इस योजना में प्रदेश में 26 हजार 704 लोगों को लाभ पहुंचाया गया है।

भोपाल गैस पीड़ितों को ट्रेनिंग मिले

गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास विभाग की समीक्षा के दौरान निर्देश दिये गए कि स्वावलम्बन अभियान के तहत गैस प्रभावितों के लिये रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण का काम समयसीमा में हो। इसके तहत दस हजार गैस प्रभावितों को प्रशिक्षण दिया जायेगा।

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