मजदूर पंचायत में मुख्यमंत्री की प्रमुख घोषणाएँ

  • मजदूरों को मकान उपलब्ध करवाने का काम मिशन के रूप में। इसके लिये मुख्यमंत्री श्रमिक आवास संगठन गठित होगा।
  • पंजीकृत निर्माण श्रमिकों के लिये मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन योजना।
  • महँगाई बढ़ने पर न्यूनतम मजदूरी बढ़ेगी।
  • श्रम निर्माण कर्मकार कल्याण अधिनियम में 46 और श्रमिक वर्ग शामिल होंगे।
  • नगरीय क्षेत्रों में मजदूरों के लिए प्रथम चरण में 10 हजार आवास।
  • मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिक पेंशन योजना लागू होगी।
  • भोपाल में 36 एकड़ क्षेत्र में 100 करोड़ की लागत से पंजीकृत मजदूरों के बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षा के लिये अत्याधुनिक एजुकेशन सिटी बनेगी।
  • श्रमिकों के बच्चों को मेडिकल कॉलेज में प्रवेश पर 10 हजार और इंजीनियरिंग कॉलेज में प्रवेश पर 7 हजार रुपये का अध्ययन अनुदान।
  • श्रमिकों के प्रतिभाशाली बच्चों के दसवीं में मेरिट के आधार पर चयनित 500 बच्चों को 25 हजार तथा बारहवीं में मेरिट आधार पर चयनित 500 बच्चों को 25 हजार रुपये की सहायता।
  • निर्माण श्रमिकों के बच्चों की पढ़ाई के लिये शिक्षा ऋण योजना।
  • पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को संघ लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने पर 25 हजार तथा राज्य लोक सेवा आयोग की प्रारंभिक परीक्षा उत्तीर्ण करने पर 15 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि।
  • संघ लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने पर 50 हजार रुपये तथा राज्य लोक सेवा आयोग की मुख्य परीक्षा उत्तीर्ण करने पर 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि।
  • तीसरे बच्चे के जन्म पर भी प्रसूति सहायता का लाभ।
  • मजदूरों के बच्चों के कौशल उन्नयन के लिये हर संभाग में कौशल विकास केन्द्र।
  • प्रदेश के मजदूर की प्रदेश के बाहर मृत्यु होने पर भी मध्यप्रदेश की तरह आर्थिक सहायता।
  • श्रमिकों को पंजीयन कार्ड का नवीनीकरण नहीं करवाना होगा। एक ही कार्ड जीवनभर चलेगा।
  • अत्येष्टि सहायता 2000 से बढ़ाकर 3000।
  • गाँव और शहरों में लम्बे समय से झुग्गी/आवास बनाकर रह रहे लोगों को पट्टे दिये जायँगे।

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