मध्यप्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण कार्यों की राष्ट्रीय-स्तर पर सराहना

भोपाल। मध्यप्रदेश के निर्माण से लेकर अब तक अल्पसंख्यक कल्याण के लिये किसी भी सरकार के मुकाबले मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की सरकार तेजी से काम कर रही है। राज्य सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों की बेहतरी के लिये किये जा रहे कार्यों को राष्ट्रीय-स्तर से अनेक बार सराहना प्राप्त हो चुकी है। समय-समय पर केन्द्र सरकार ने अन्य राज्यों को इसके लिये मध्यप्रदेश का अनुसरण करने को भी कहा है।

मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड की पन्द्रह हजार सम्पत्तियों को कम्प्यूटराईज्ड करने वाला पहला राज्य बन चुका है। नई दिल्ली में पिछले साल वक्फ बोर्ड के अध्यक्षों और प्रमुख सचिवों की एक बैठक में बोर्ड द्वारा रिकार्ड के कम्प्यूटराईजेशन कार्य को भरपूर सराहना मिल चुकी है। वक्फ, नई दिल्ली द्वारा अपनी स्टेटस रिपोर्ट में भी मध्यप्रदेश वक्फ बोर्ड को रिकार्ड डिजिटाईजेशन में देश का सबसे अव्वल वक्फ बोर्ड करार दिया गया है। केन्द्र सरकार ने वक्फ बोर्ड के कार्यों का अनुसरण करने के लिये अन्य राज्यों को पत्र भी लिखा है।

वक्फ के अलावा अल्पसंख्यक कल्याण के और भी अन्य कार्यक्रम हैं, जिनका प्रदेश सरकार द्वारा कुशलता से संचालन किया जा रहा है। मध्यप्रदेश में अल्पसंख्यकों की बेहतरी के लिये चल रहे इन कार्यों की केन्द्र सरकार ने हमेशा मुक्त कंठ से प्रशंसा की है। अल्पसंख्यक छात्रवृत्तियों के वितरण में भी मध्यप्रदेश आज देश में पहले स्थान पर है। वर्ष 2010-11 एवं 2011-12 में लक्ष्य से अधिक विद्यार्थियों को छात्रवृत्तियों का भुगतान किया गया। अल्पसंख्यक छात्रवृत्ति के वितरण के इस कार्य की भारत सरकार ने प्रशंसा की है। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग भी अल्पसंख्यक छात्रवृत्तियों के वितरण के संबंध में विगत 19 नवम्बर, 2011 को मध्यप्रदेश सरकार की प्रशंसा कर चुका है।

अल्पसंख्यकों की शिक्षा के लिये भी बेहतर कार्यों को मध्यप्रदेश में अंजाम दिया जा रहा है। प्रदेश में चल रहे मदरसों के इंतजामात की तारीफ स्वयं प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्रियों की एक बैठक में की है। हज-यात्रियों के लिये मध्यप्रदेश में दो इम्बारकेशन पाइंट बनाये गये हैं। एक भोपाल तो दूसरा इंदौर में है। दोनों ही जगह हज-हाउस के निर्माण का कार्य भी हाथ में लिया गया है। हज-यात्रियों के लिये मध्यप्रदेश सरकार द्वारा की गई व्यवस्थाओं की सराहना केन्द्रीय हज-कमेटी और सउदी अरब की सरकार भी कर चुकी है। केन्द्रीय अल्पसंख्यक आयोग ने भी मध्यप्रदेश में अल्पसंख्यकों के कल्याण कार्यों की प्रशंसा करते हुए पिछले साल बधाई-पत्र लिखा था।

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा अल्पसंख्यक वर्ग की प्रमुख हस्तियों के नाम पर प्रतिभाओं को सम्मानित करने की पहल को भी राष्ट्रीय-स्तर पर सराहना मिल रही है। इसी साल 20 जून को वक्फ बोर्ड के एक कार्यक्रम में शिरकत करने आये केन्द्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्होंने इसकी प्रशंसा की। उल्लेखनीय है मध्यप्रदेश पहला राज्य है, जिसने समाज-सेवा के लिये शहीद अशफाक उल्ला खाँ, सर्वधर्म समभाव के लिये शहीद कैप्टन हमीद और उर्दू साहित्य के लिये डॉ. अबुल कलाम आजाद पुरस्कार स्थापित किये हैं।

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