मध्यप्रदेश बना आई.टी. उद्योग की पसंद

भोपाल, सितम्बर  2014/ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के नेतृत्व में प्रदेश में आई.टी. नीति के आधार पर इलेक्ट्रॉनिक्स और आई.टी. उद्योग में निवेश को आकर्षित करने के लिये सफल प्रयास किये जा रहे हैं। प्रदेश में लागू आई.टी. नीति देश की सर्वोत्तम नीतियों में से एक है। कौशल विकास तथा बेहतरीन बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता राज्य में निवेश प्रवाह को आकर्षित करती है। बैंगलुरू, हैदराबाद, पुणे, मुम्बई आदि के बाद अब आई.टी. कम्पनियों को मध्यप्रदेश पसंद आ रहा है।

आई.टी. के क्षेत्र में निवेश आकर्षित करने के लिये राज्य शासन द्वारा भूमि स्टाम्प शुल्क में रियायत, विशिष्ट परियोजना लागत की प्रतिपूर्ति, भूमि के उपयोग तथा वैधानिक नियमों में छूट आदि प्रावधानों की पेशकश है। मुख्य रूप से सीएससी, इम्पेटस, नेटलिंक, श्योरविन, एजिस, एमफेसिस, टाटा कन्सल्टेन्सी, इन्फोसिस, हंका, एक्सट्रानेट, इन्फोबीन्स, सी-नेट, फर्स्टसोर्स, ओसवाल कम्प्यूटर्स एण्ड कंसलटेन्ट सिल्फ टेक्नालॉजी, ई-हेरेक्स सागासिटी, स्टेट अप इन्फोटेक, न्यूटेक प्यूजन, साइबर फ्यूचरेस्टिक्स जैसी कम्पनी मध्यप्रदेश में कार्यरत हैं।

प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक्स कॉम्पलेक्स इंदौर, खण्डवा रोड, इंदौर तथा गंगा मालनपुर ग्वालियर में आई.टी. पार्क स्थापित किये गये हैं। इसके अलावा भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में आई.टी. पार्क प्रस्तावित हैं। राज्य में 12 आई.टी. एस.ई.जेड. को औपचारिक मंजूरी दी जा चुकी हैं। इंदौर के सुपर कॉरिडोर में टाटा कंसलटेंसी सर्विसेस द्वारा 500 करोड़ की लागत से दो चरण में साफ्टवेयर डेवलपमेंट केम्पस का कार्य प्रगति पर है। आई.टी. कम्पनियों को निर्बाध विद्युत आपूर्ति का लाभ दिया जाता है। वर्तमान में आई.टी. विभाग के पास लगभग 536 एकड़ जमीन उपलब्ध है। इसमें इंदौर में सिन्हासा में 112 एकड़ तथा धानखेड़ी में 37 एकड़, भोपाल में एयरपोर्ट से दो किलोमीटर की दूरी पर लगभग 212 एकड़ भूमि, जबलपुर के गधेरी में 19 एकड़ तथा पूर्वा में 60 एकड़ जमीन उपलब्ध है।

प्रदेश में ब्लॉक-स्तर तक नेटवर्क से जोड़ने के लिये लगभग 24 हजार किलोमीटर आप्टिकल फाइबर नेटवर्क को विकसित किया गया है। एनओएफएन-100 एमबीपीएस के तहत सभी ग्राम-पंचायत में इंटरनेट सेवा उपलब्ध होगी।

मध्यप्रदेश को आई.टी. तथा ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में कई राष्ट्रीय अवार्ड मिले हैं। स्काच स्मार्ट गवर्नेंस अवार्ड 2013, सीएसआई अवार्ड फॉर एक्सीलेंस इन आई.टी. फॉर कॉम्पलेक्स 2013, सीएसआई निहिलेंट अवार्ड-2009 से 2013 तक लगातार, वेब रत्न अवार्ड, 2009-10, ई-गवर्नेंस के लिये राष्ट्रीय पुरस्कार 2009-10, NASSCOM सीएनबीसी टीवी 18 अवार्ड 2009, मंथन अवार्ड-दक्षिण एशिया 2009, डीएआरपीजी और सिल्वर आइकन अवार्ड 2008 शामिल हैं।

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