मध्यमत का संदेश: अपनी माटी, अपना देश

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 सबसे पहले तो आप सभी को नव संवत्सर की शुभकामनाएं। संवत्सर का यह पर्व इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह हमारी
 संस्कृति से जुड़ा है। उत्सवधर्मिता हमारे संस्कार का हिस्सा है। और जब उत्सव अपनी मिट्टी और अपने देश की संस्कृति से जुड़ा हो
 तो वह और भी आत्मीय हो जाता है। इसीलिए जब अपने मध्यप्रदेश के लिए खबरों के नए पोर्टल मध्यमत को आरंभ करने का विचार
 आया तो हमने यही दिन चुना।
 यह खबरों का जमाना है। ऐसी खबरें जो चारों तरफ से बरस रही हैं। कभी ये जमीन फोड़कर निकल आती हैं तो कभी छप्पर फाड़ कर
 टूट पड़ती हैं। ऐसे में अपनी माटी और अपने देस की बात नक्कारखाने में तूती की तरह दबकर रह जाती है।
 55 साल का मध्यप्रदेश जवान हो गया है। इसमें एक युवा ऊर्जा है और यह ऊर्जा देश के इस दिल को नया स्पंदन दे रही है। मध्यप्रदेश
 अनंत और अपार संभावनाओं वाला प्रदेश है। यहां तरक्की की चाह भी है और तरक्की की राह भी। मध्यमत के जरिए हमारी कोशिश
 होगी कि हम प्रदेश की सकारात्मक ऊर्जा को सामने लाएं। यहां जो अच्छा हो रहा है उसे बताएं। ऐसा नहीं है कि हम समाज में होने वाली
 नकारात्मक घटनाओं को बिलकुल नकार देंगे। लेकिन हमारा मानना है कि पत्रकार की नजर हमेशा कातिलाना ही नहीं हो, उसमें मोहब्बत का सुरूर भी होना चाहिए। अपनी माटी से मोहब्बत अपने प्रदेश से प्यार… अपने मध्यप्रदेश की बात। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए देश के इस दिल की हर डगर और हर खबर के साथ मध्यमत अपना सफर शुरू कर रहा है। उम्मीद है अकेले शुरू होने वाला यह सफर आपके साथ जल्दी ही ऐसे कारवां में तब्दील होगा, जिसकी मंजिल होगी सबकी तरक्की, सबकी खुशी।
संपादक

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