मध्‍यप्रदेश में उपचुनाव में 60% से अधिक मतदान

भोपाल, नवम्बर 2015/ रतलाम-झाबुआ लोकसभा उपचुनाव और देवास के विधानसभा उपचुनाव में 60 प्रतिशत से अधिक मतदान होने का समाचार है। इसके साथ ही दोनों क्षेत्रों के उम्मीदवारों किस्मत ईवीएम मशीनों बंद हो गई। छुटपुट विवाद के अलावा सभी जगह मतदान सामान्यतः शांतिपूर्ण ही रहा। मतगणना24 नवंबर को होगी और उसी में उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला होगा। रतलाम लोकसभा क्षेत्र में मतदाताओं में खासा उत्साह देखा गया। इस लोकसभा क्षेत्र में 64% मतदान दर्ज किया गया। रतलाम-झाबुआ लोकसभा क्षेत्र में 17 लाख से अधिक मतदाताओं के लिए 2200 मतदान केंद्र बनाए गए थे। देवास विधानसभा क्षेत्र में 62.2% मतदान हुआ। वहां करीब ढाई लाख मतदाताओं के लिए 303 मतदान केंद्र बने थे।

रतलाम-झाबुआ लोकसभा उप चुनाव के लिए 8 उम्मीदवार मैदान में हैं। लेकिन, सीधा मुकाबला कांग्रेस के कांतिलाल भूरिया और भाजपा उम्मीदवार निर्मला भूरिया के बीच हैं। देवास विधानसभा उप-चुनाव में चार उम्‍मीदवार है लेकिन वहां मुख्ये मुकाबला भाजपा उम्मीदवार गायत्री राजे पवार और कांग्रेस के जयप्रकाश शास्त्री के बीच है।

सुबह हल्कीा ठंड के कारण मतदान धीमी गति से शुरू हुआ।  लेकिन दोपहर बाद मतदान में तेजी आई और मतदान केन्द्रों पर लम्बी कतार देखी गई। रतलाम, आलीराजपुर और झाबुआ जिलों के सभी क्षेत्रों में मतदान केंद्रों पर वोटरों की लंबी कतार देखी गई। लोकसभा और विधानसभा सीटों के लिए हुए उपचुनाव के लिए सुबह 7 बजे से मतदान शुरू हो गया था। उपचुनाव में शामिल चारों जिलों रतलाम, झाबुआ,आलीराजपुर और देवास में करीब 20 लाख मतदाता हैं।

भाजपा ने झाबुआ में दिवंगत सांसद दिलीपसिंह भूरिया की विधायक बेटी निर्मला भूरिया और देवास में दिवंगत विधायक तुकोजीराव पंवार की पत्नी गायत्री देवी को मैदान में उतारा। दोनों सीटों पर ये रणनीति सहानुभूति का फायदा लेने के लिए अपनाई गई। कांग्रेस ने झाबुआ में कांतिलाल भूरिया पर फिर भरोसा जताया है। लेकिन, देवास में पार्टी ने नए चेहरे जयप्रकाश शास्त्री को मौका दिया है।

बिहार में जिस तरह के नतीजे आए हैं, उसके बाद दोनों ही प्रमुख पार्टियों भाजपा व कांग्रेस के लिए ये उपचुनाव प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गए हैं। अब तक करीब करीब सभी उपचुनावों में जीत का परचम लहराते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के राजनीतिक भविष्य के लिए भी इन चुनावों को अहम माना जा रहा है। यही कारण है कि रतलाम-झाबुआ लोकसभा क्षेत्र के लिए मुख्यमंत्री ने पूरी ताकत लगा दी। उन्होंने पूरे क्षेत्र में करीब 55 चुनावी सभाएं कीं। भाजपा यदि ये उप चुनाव जीतती हैं तो शिवराजसिंह के खाते में बहुत बड़ी उपलब्धि दर्ज हो जाएगी। अन्य था स्थितियां उनके विरोधियों को सिर उठाने का मौका दे सकती हैं।

विधायक का धरना

जोबट से भाजपा विधायक माधोसिंह डावर आजाद नगर के बूथ नंबर 55 के समीप धरने पर बैठ गए। उन्होंने मतदान केंद्र पर तैनात सीआरपीएफ के एक जवान पर गोली मारने की धमकी देने का आरोप लगाया। आजाद नगर थाना प्रभारी द्वारा माफी मांगने के बावजूद विधायक धरने पर बैठे। वे सीआरपीएफ जवाब को धरना स्थल पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे।

दूल्हा-दुल्हन ने किया मतदान

आलीराजपुर में एक दुल्ह न परिवार के साथ वोट डालने पहुंची। रतलाम ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के ग्राम चोराना स्थित मतदान केंद्र 173 पर एक दूल्हा राजेन्द्र सिंह भी मतदान करने पहुंचा।

सुविधाएँ नहीं तो वोट नहीं

रतलाम जिले के डोसी गांव में ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार किया। उनका आरोप है कि गांव में अब तक कोई सुविधा किसी भी पार्टी ने उपलब्ध नहीं कराई। हर बार चुनाव के दौरान वे नेता भरोसा देकर चले जाते हैं, लेकिन होता कुछ नहीं। अधिकारियों ने ग्रामीणों को समझाने की कोशिश भी की।

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