मप्र में बनेंगे 10 विशेष पर्यटन क्षेत्र

भोपाल। प्रदेश में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिये 10 विशेष पर्यटन क्षेत्र बनाये जायेंगे। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज यहाँ मंत्रालय में राज्य पर्यटन विकास परिषद की पहली बैठक में विशेष पर्यटन क्षेत्र बनाने के प्रस्ताव को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी। विशेष पर्यटन क्षेत्र इंदिरा सागर, गांधीसागर, बाणसागर, साँची, ओरछा, मांडू, खजुराहो, दतिया, तवानगर-मड़ई, तामिया-पातालकोट में स्थापित होंगे। विशेष पर्यटन क्षेत्रों में स्थापित होने वाली पर्यटन परियोजनाओं को पंजीयन शुल्क, स्टाम्प ड्यूटी, मनोरंजन कर, मोटर कार टैक्स आदि में रियायत मिलेगी।

प्रत्येक क्षेत्र के लिये पर्यटन गतिविधि को चिन्हित किया गया है। इंदिरा सागर, गांधीसागर, बाणसागर, तवा नगर में वाटर और ईको टूरिज्म को चुना गया है। दतिया, खजुराहो, मांडू में हेरिटेज टूरिज्म चुना गया है। तामिया में ईको टूरिज्म को बढ़ावा दिया जायेगा।

मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने दस विशेष पर्यटन क्षेत्र के अलावा भी विशेष पर्यटन क्षेत्रों को चिन्हित करने और धार्मिक पर्यटन-स्थलों को आपस में जोड़कर विशेष टूरिस्ट सर्किट बनाने के निर्देश दिये। उन्होंने कहा कि घरेलू पर्यटन की अपार संभावनाओं को देखते हुए पर्यटन-स्थलों पर अधोसंरचनात्मक व्यवस्थाएँ स्थापित करने के काम में प्राथमिकताएँ निर्धारित करना होंगी। उन्होंने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में पूंजी निवेश को आकर्षित करने के लिये निवेश-मित्र पर्यटन नीति बनाई गई है। निजी-सार्वजनिक क्षेत्र की सहभागिता को बढ़ावा दिया गया है।

बैठक में बताया गया कि पिछले पाँच साल में प्रदेश में पर्यटकों की संख्या लगभग चार गुना बढ़ी है। वर्ष 2006 में 11 मिलियन थी जो 2011 में 44 मिलियन बढ़ गई है। प्रदेश में नये पर्यटन-स्थलों की सूची बनाई गई है। हेरिटेज टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिये 24 निजी और राज्य के स्वामित्व वाले सात गढ़ी-किला का चुनाव किया गया है। इसमें रामपुर किला (गुना), अर्जुन महल (नरसिंहगढ़-राजगढ), रानी महल (टीकमगढ़), रानी महल (रतलाम), सिंधिया बोर्डिंग हाउस (नीमच), राजगढ़ पैलेस (दतिया), माधवगढ़ पैलेस (सतना) शामिल है।

बैठक में बताया गया कि प्रमुख पर्यटन स्थलों तक पहुँचने वाली सड़कों का सुधार किया जा रहा है। नये हवाई मार्गों को चिन्हित किया गया है जिसमें खजुराहो-जयपुर, खजुराहो-मुम्बई, जबलपुर-मुम्बई, जबलपुर-कोलकाता, भोपाल-वाराणसी-गया शामिल हैं। इसी प्रकार भोपाल-पचमढ़ी, भोपाल-उज्जैन, ओंकारेश्वर, भोपाल-साँची, भीमबैठका-तवा, ग्वालियर-शिवपुरी, ओरछा, खजुराहो, इंदौर, इंदौर-मांडू-गांधीसागर के बीच हेलीकॉप्टर सेवा प्रस्तावित की गई है। वर्ष भर पर्यटन की गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिये वार्षिक कैलेण्डर बनाया गया है। भोपाल में जनवरी 2013 में झील महोत्सव की रूपरेखा तैयार की जा रही है।

बैठक में नगरीय प्रशासन मंत्री श्री बाबूलाल गौर, पर्यटन मंत्री तुकोजीराव पवार, वन मंत्री श्री सरताज सिंह, लोक निर्माण मंत्री श्री नागेन्द्र सिंह, उद्योग मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, मुख्य सचिव श्री आर.परशुराम, प्रमुख सचिव नगरीय प्रशासन श्री एस.पी.एस. परिहार, मध्यप्रदेश पर्यटन विकास निगम के प्रबंध संचालक श्री राघवेन्द्र सिंह, भारतीय घरेलू पर्यटन संघ के अध्यक्ष श्री सुभाष वर्मा, ट्रेवल एजेन्ट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के अध्यक्ष श्री एम. इकबाल, इंडियन एसोसिएशन ऑफ टूर आपरेटर्स के श्री सुभाष गोयल, इंटेक के श्री मनु भटनागर और भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के श्री के.के. मुहम्मद उपस्थित थे।

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