महिला सशक्तीकरण सरकार का मिशन

भोपाल, अगस्त 2015/ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि महिलाओं का सशक्तीकरण राज्य सरकार का मिशन है। महिला सशक्तीकरण के मामले में मध्यप्रदेश को देश का आदर्श राज्य बनाया जायेगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही महिलाओं के स्व-सहायता समूहों का सम्मेलन बुलाया जायेगा। श्री चौहान यहाँ कामकाजी महिलाओं के रहवास के लिये 6 करोड़ की लागत से बनने वाले महिला वसति गृह के शिलान्यास समारोह को संबोधित कर रहे थे। वसति गृह में दूर अँचल से आने वाली कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित एवं सुविधाजनक आश्रय उपलब्ध हो सकेगा।

श्री चौहान ने बहनों को रक्षा-बंधन की बधाई देते हुए भाइयों से अपील की कि वे रक्षा-बंधन के अवसर को विशेष बनाते हुए बहनों को बीमा योजनाओं का लाभ दिलवाकर सुरक्षा बंधन का उपहार दें। उन्होंने महिलाओं से अपील की कि वे बच्चों का कुपोषण दूर करने के लिये स्व-प्रेरणा से प्रयास करें।

कामकाजी महिलाओं के लिये महिला वसति गृह को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि आवश्यकता पर और भी महिला वसति गृह बनाये जायेंगे। महिला पंचायत में की गई घोषणाओं को जल्द ही पूरा करने का संकल्प दोहराते हुए कहा कि महिलाओं के सशक्तीकरण के लिये प्रदेश में सबसे ज्यादा काम हुए हैं। स्थानीय निकाय में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण दिया गया था जबकि 56 प्रतिशत पद पर महिलाएँ चुनकर आयीं और शासन-प्रशासन की बागडोर सँभाल रही हैं। जब तक शासन के सूत्र महिलाओं के हाथ में नहीं आयेंगे तब तक सशक्तीकरण की प्रक्रिया अधूरी रहेगी। उन्होंने पुलिस बल में 33 प्रतिशत पद महिलाओं के लिये आरक्षित करने का प्रस्ताव जल्द ही प्रस्तुत करने के निर्देश मुख्य सचिव को दिये।

महिला-बाल विकास मंत्री माया सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री ने एजेण्डे में महिला सशक्तीकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता पर रखा है। भोपाल के बाद अब इसी तरह के वसति गृह इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर में भी बनाये जायेंगे। उन्होंने हाल ही में शासकीय महिलाओं को चाइल्ड केयर अवकाश देने के फैसले का स्वागत करते हुए कहा कि माताओं-बहनों के लिये मुख्यमंत्री की तरफ से कीमती उपहार है। महिलाओं के लिये सामुदायिक नेतृत्व का कार्यक्रम भी जल्द शुरू किया जायेगा। महिला सशक्तिकरण के लिये उठाये गये कदमों और अनूठी योजनाओं के मामले में मध्यप्रदेश अन्य राज्यों से आगे है।

आयुक्त महिला सशक्तिकरण कल्पना श्रीवास्तव ने कहा कि महिला वसति गृह बहनों के लिये राखी का उपहार है। आज प्रदेश में महिलाएँ आत्म-सम्मान और आत्म-विश्वास के साथ आगे बढ़ रहीं हैं। इस अवसर पर मध्यप्रदेश में महिलाओं के सशक्तीकरण के लिये किये जा रहे प्रयासों और चलाई जा रही योजनाओं पर आधारित लघु फिल्म भी दिखायी गयी। मुख्यमंत्री ने परिसर में वृक्षारोपण भी किया।

योगदान को मिला पुरस्कार और सम्मान

मुख्यमंत्री ने महिला-बाल विकास कल्याण के लिये चलायी जा रही योजनाओं और अभियान में महत्वपूर्ण योगदान देने और उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया। राजगढ़ के श्री जितेन्द्र सिंह सिसोदिया द्वारा 55 बाल-विवाह की सूचना देकर बाल-विवाह रुकवाने पर उन्हें रक्षा-सूत्र सम्मान दिया गया। राजगढ़ जिले के रामपुरिया, सीहोर के जहाँगीरापुरा, रायसेन के वार्ड क्रमांक-18 और छतरपुर जिले के खजुराहो के शौर्या दल को बालिका शिक्षा को प्रोत्साहन देने, स्वच्छ भारत अभियान चलाने और 10 वर्षीय बालिका को मानव तस्करी से बचाने पर प्रशंसा-पत्र दिये गये। राजगढ़ की संगीता नागर, विदिशा की रानी रघुवंशी को लाडो अभियान में बाल-विवाह रोकने तथा इसके प्रति लोगों में जन-जागृति लाने के प्रयासों पर प्रशंसा-पत्र दिये गये।

मुख्यमंत्री महिला सशक्तीकरण योजना में टीकमगढ़ की श्रीमती रामकली कुशवाह, विदिशा की सुश्री लता यादव को एस.ए.टी.आई. विदिशा से ब्यूटीशियन का प्रशिक्षण लेने, भोपाल की कु. मंजू भट्ट और कु. पूजा प्रसाद को महिला पॉलीटेक्निक से फैशन डिजायनिंग का प्रशिक्षण लेने का प्रमाण-पत्र दिया गया। इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अंटोनी डिसा और बड़ी संख्या में शौर्या दल की सदस्य एवं विभिन्न जिलों से आईं महिलाएँ उपस्थित थीं।

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