मिलकर बनाये अपने सपनों का मध्यप्रदेश

भोपाल, जनवरी 2015/ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए प्रदेशवासियों का आव्हान किया है कि मध्यप्रदेश को आगे बढ़ाने में अपना सर्वश्रेष्ठ योगदान दें। जनता और सरकार एक होकर अपने सपनों का मध्यप्रदेश बनाये। लोकतंत्र में मुख्यमंत्री से लेकर अन्य सभी जन-प्रतिनिधि राजा नहीं जनता के सेवक होते हैं। दम्भ में आने की बजाय सबको सेवा का भाव मन में रखकर जनता का जीवन बेहतर बनाने के संकल्प के साथ कार्य करना चाहिये।

गणतंत्र दिवस के अवसर पर श्री चौहान आगर-मालवा में ध्वजारोहण के पश्चात उपस्थित जन-समुदाय को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में अब भारत पुन: विश्व गुरू बनने की ओर कदम बढ़ा रहा है। देश बदल रहा है और प्रदेश भी बदल रहा है। बीमारू कहा जाने वाला मध्यप्रदेश आज विकास दर में देश का नंबर एक राज्य है। किसानों को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश में 24.99 प्रतिशत कृषि विकास दर हासिल करने का चमत्कार हुआ है। देश ही नहीं दुनिया में खेती में इतनी तेजी से कहीं विकास नहीं हुआ। मध्यप्रदेश ने पिछले वर्ष गेहूँ उत्पादन में हरियाणा को पीछे छोड़ा था। इस वर्ष पंजाब को भी पीछे छोड़ दिया है। प्रदेश को लगातार तीसरी बार कृषि कर्मण पुरस्कार प्राप्त हुआ है। यह पड़ाव है मंजिल नहीं, अभी और आगे जाना है। दूध उत्पादन, उद्यानिकी, फूड प्रोसेसिंग की तरफ और तेजी से कदम बढ़ाना है। हर वर्ष प्रदेश में 3 लाख हेक्टर सिंचाई क्षमता बढ़ायी जा रही है। खेती के साथ-साथ उद्योगों को भी बढ़ावा देना है। श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री के ‘मेक इन इंडिया’ के नारे को सफल बनाने के लिये ‘मेक इन मध्यप्रदेश’ और ‘डिजिटल इंडिया’ के सपने को साकार करने के लिये ‘डिजिटल मध्यप्रदेश’ बनाना चाहता हूँ। प्रदेश में आम जनता से संवाद की पहल के तहत विभिन्न पंचायत का आयोजन किया गया है। आगामी 8 मार्च को भोपाल में महिला पंचायत की जायेगी। इसके बाद जल्दी किसान पंचायत भी होगी।

श्री चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में बेरोजगारी का अंधेरा नहीं रहे इसके लिये युवाओं को स्वयं उद्योग लगाने के लिये प्रेरित किया जा रहा है। तकनीकी ज्ञान, मार्केटिंग तथा पूँजी की व्यवस्था सरकार द्वारा की जा रही है। पिछले दिनों इन्दौर में हुई ग्लोबल इन्वेटर्स समिट से प्रदेश निवेश के लिये बेस्ट डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित हुआ है। प्रदेश को ईज आफ डूईंग बिजनेस में बेहतर बनाने के लिये श्रम कानूनों में व्यापक परिवर्तन किये गये हैं। राज्य सरकार ने रक्षा संयत्र उत्पाद निवेश नीति लागू की है। प्रदेश में प्रधानमंत्री जन-धन योजना तथा अन्य योजनाओं में अब तक कोई एक करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं। इन खातों को आधार नंबर से लिंक किया जा रहा है। प्रदेश में चौबीस घंटे घरेलू बिजली और खेती के लिये दस घंटे बिजली दी जा रही है। इस साल बिजली की उपलब्धता में अब तक 1590 मेगावाट की वृद्धि की जा चुकी है। प्रदेश एक वर्ष के भीतर सर्वाधिक 306 मेगावाट सौर विद्युत क्षमता स्थापित करने वाला राज्य है। अधोसंरचना विकास के लिये प्रदेश में पिछले साल नगरों और कस्बों को जोड़ने के लिये 2800 किलोमीटर नई सड़कें बनाई गई। कुल 4248 किलोमीटर सड़कों का नवीनीकरण हुआ और 44 बड़े पुल और रेलवे ब्रिज बने। सड़क निर्माण क्षेत्र में जन-निजी भागीदारी से वर्तमान में 33 हजार करोड़ लागत की परियोजनाएँ चल रही हैं। स्वच्छ भारत अभियान में प्रदेश में 37 लाख से अधिक ग्रामीण घरों में शौचालय बन चुके हैं। श्री चौहान ने आव्हान किया कि स्वच्छ मध्यप्रदेश के लिये हर प्रदेशवासी योगदान करें। संकल्प लें कि खुले में कोई शौच नहीं जायेगा। हर घर में स्वच्छ शौचालय होगा। उन्होंने बेहतर कानून-व्यवस्था के लिये पुलिस को बधाई देते हुए कहा कि प्रदेश को दस्यु, आतंकवाद और नक्सलवाद जैसी समस्याओं से मुक्त किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के आव्हान पर प्रदेश का ग्लोबल टेलेन्ट पूल बनाने की पहल अब फ्रेंड्स ऑफ मध्यप्रदेश पोर्टल के माध्यम से कर रहे हैं। भोपाल और इन्दौर की देश की प्रथम लाइट मेट्रो परियोजना की डीपीआर तैयार की जा रही है। मुख्यमंत्री ग्रामीण आवास मिशन में अब तक दो लाख से अधिक घर बन चुके हैं। गरीब परिवारों के लिये पाँच लाख घर बनाने का काम चल रहा है। पाँच साल के भीतर 15 लाख मकान बनाये जायेंगे। देश में अपनी किस्म की पहली स्वास्थ्य गारंटी योजना प्रदेश में प्रारंभ की गयी है। गाँवों में 49 हजार ग्राम आरोग्य केन्द्र खोले गये हैं। प्रदेश में लोक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के लिये मध्यप्रदेश इन्टरसिटी ट्रांसपोर्ट अथारिटी के गठन की स्वीकृति दी गयी है। लक्षित सार्वजनिक वितरण प्रणाली का विस्तार किया गया है। इससे प्रदेश के 42 लाख नये परिवारों को एक रुपये प्रति किलो खाद्यान्न और रियायती दरों पर शकर और नमक उपलब्ध करवाया जा रहा है। सुशासन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश में लोक सेवाओं की उपलब्धता में सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग सुनिश्चित किया गया है।आम जनता को सुविधा और राहत देने के लिये सी.एम. हेल्पलाइन शुरू की गयी है। प्रदेश में स्व-घोषणा पत्र और स्व-प्रमाणीकरण की व्यवस्था लागू की गयी है। सिंहस्थ के आयोजन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अब तक 1750 करोड़ के कार्य मंजूर किये गये हैं। सिंहस्थ को पर्यावरण की दृष्टि से ग्रीन सिंहस्थ के रूप में आयोजित करने की योजना बनायी गयी है। उन्होंने अपेक्षा की कि अगले गणतंत्र दिवस तक प्रदेश प्रगति और विकास की दौड़ में और आगे बढ़ जायेगा।

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