मुख्यमंत्री ने नीति आयोग उप-समूह की बैठक ली

भोपाल, अप्रैल 2015/ मुख्यमंत्री एवं केन्द्र पोषित योजनाओं के युक्तियुक्तकरण के लिये गठित नीति आयोग की मुख्य मंत्रियों के उप-समूह के संयोजक शिवराज सिंह चौहान ने दिल्ली में नीति आयोग में उप-समूह की बैठक ली। नीति आयोग के उपाध्यक्ष अरविंद पनगढ़िया, कार्यपालन अधिकारी श्रीमती सिन्धुश्री खुल्लर, मुख्य सचिव अन्टोनी डिसा भी इस अवसर पर उनके साथ थे।

श्रीमती सिन्धुश्री खुल्लर की अध्यक्षता वाले इस उप-समूह में संबंधित केन्द्रीय विभागों तथा राज्यों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की जनता को केन्द्रीय योजनाओं का पूरा-पूरा लाभ आश्वस्त करने की दृष्टि से युक्तियुक्त बनाना हम सबका उद्देश्य है। भारत एक विशाल देश है तथा विभिन्न प्रदेश की अपनी-अपनी आवश्यकताएँ और प्राथमिकताएँ हैं। अतः केन्द्रीय योजनाओं का उपयोग राज्य विशेष की आवश्यकता के अनुरूप उपयोगी हो इसके लिये उनका लचीला होना बहुत जरूरी है। साथ ही केन्द्र पोषित योजनाओं में केन्द्र और राज्य की आनुपातिक भागीदारी भी सहमति योग्य और परिणाममूलक हो ताकि लक्ष्य प्राप्ति में किसी प्रकार की दिक्कतें न आये।

बैठक में केन्द्र पोषित फ्लेगशिप योजनाओं मसलन स्वच्छता अभियान, बेटी बचाओ- बेटी पढ़ाओ, राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन, महात्मा गाँधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार योजना, राष्ट्रीय कृषि विकास योजना, राष्ट्रीय कृषि सिंचाई विकास योजना, सर्वशिक्षा अभियान आदि 17 योजना पर सम्बन्धित केन्द्रीय विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों ने योजनाओं के मौजूदा स्वरूप, क्रियान्वयन की प्रक्रिया, राज्यों की भूमिका तथा हिस्सेदारी और केन्द्रीय अनुदान आदि पर दृश्य एवं श्रव्य माध्यम से विस्तृत जानकारियाँ दीं। उन्होंने 14वें वित्त आयोग की सिफारिशों के अनुरूप अब राज्यों को 32 प्रतिशत के स्थान पर 42 प्रतिशत राशि सुलभ करवाने की दृष्टि से योजनाओं में आ रहे बदलाव की तरफ इंगित करते हुए कई महत्वपूर्ण सुझाव दिये। उल्लेखनीय है कि अब राज्यों को 3.48 लाख करोड़ से 1.78 लाख करोड़ रूपये बढ़ाकर 5.26 लाख करोड़ रूपये दिये जायेंगे।

बैठक में स्कूल शिक्षा, कृषि, पशुपालन, ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, ग्रामीण पेयजल एवं स्वच्छता, नगरीय कल्याण, कृषि शोध एवं शिक्षा, जल-संसाधन, नदी विकास तथा महिला एवं बाल-कल्याण से सम्बन्धित योजनाओं पर भी राष्ट्रीय परिदृश्य पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।

तकरीबन पाँच घंटे चली बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने बैठक को सार्थक बताते हुए कहा कि पूर्व में हुई दो बैठक जिनमें एक नीति आयोग के अधिकारियों के साथ, दूसरी उप-समिति के सदस्य मुख्यमंत्रियों के साथ हुई बैठक में हुए विचार-विमर्श और इस दिशा में अन्य राज्यों से प्राप्त सुझावों आदि का समावेश करते हुए उप-समूह ड्राफ्ट तैयार करेगा। इस ड्राफ्ट पर उप-समूह की 27 अप्रैल को होने वाली बैठक में सदस्यों के साथ विचार-विमर्श के बाद केन्द्र पोषित योजनाओं के युक्तियुक्तकरण की महती प्रक्रिया को आकार देने में समूह अपनी भूमिका का निर्वाह करेगा।

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