मुख्‍य सचिव को दिए गए कई आवेदन

भोपाल, फरवरी 2015/ मुख्य सचिव अन्टोनी डिसा ने मंत्रालय में नागरिकों से समक्ष भेंट की और उनसे प्राप्त आवेदनों के निराकरण के संबंध में विभाग प्रमुखों को परीक्षण कर उचित कार्यवाही के निर्देश दिए।

भोपाल निवासी श्रीमती सुलोचना रावत ने कहा कि दुग्ध संघ में भृत्य के पद पर कार्यरत उनके पति स्व. राजे सिंह रावत के स्वत्व देयकों का अब तक भुगतान नहीं मिल सका है। इस संबंध में प्रबंध संचालक दुग्ध महासंघ को परीक्षण कर शीघ्र कार्यवाही करने को कहा गया। सतना के श्री जयनारायण तिवारी ने मुख्य सचिव को प्रस्तुत अपने आवेदन में कहा कि उन्होंने हाउसिंग बोर्ड से 1992 में एचआईजी आवास क्रय किया था। लेकिन आर्थिक स्थिति खराब होने से वे आवास का पूरा भुगतान नहीं कर सके। वे अब ब्याज समेत पूरी राशि का भुगतान करना चाहते हैं। वर्तमान में उनके आवंटित आवास पर हाउसिंग बोर्ड का आधिपत्य है। मुख्य सचिव ने कमिश्नर हाउसिंग बोर्ड को प्रकरण में संवेदनशीलता के साथ उचित कार्यवाही के निर्देश दिए।

इसी तरह ग्वालियर की सुश्री पुष्पा रावत ने भवन भाड़ा क्रय के आधार पर एलआईजी के आवंटन में आ रही दिक्कतों के संबंध में मुख्य सचिव को अवगत करवाया। इस संबंध में कमिश्नर हाउसिंग बोर्ड को प्रकरण का परीक्षण कर दो सप्ताह में वस्तुस्थिति से अवगत करवाने के लिए कहा गया। ग्राम भीलखेड़ा तहसील शुजालपुर जिला शाजापुर के श्री राधेश्याम ने अवगत करवाया कि उनके स्वामित्व की भूमि पर प्रभावशाली व्यक्तियों ने कब्जा कर उनके द्वारा बोई गई फसल को काट लिया है। मुख्य सचिव ने शिकायत सुनने के बाद कलेक्टर शाजापुर को मौके पर एसडीएम को भेज कर वस्तुस्थिति से अवगत करवाने एवं दोषी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। इंदौर निवासी अरविंद कुमार ने गंदी बस्ती निर्मूलन मंडल में भृत्य के पद पर पदस्थ अपने पिता के स्वत्वों के भुगतान में हो रही देरी के बारे में ध्यान आकर्षित किया। मुख्य सचिव ने प्रकरण में प्रमुख सचिव नगरीय विकास एवं पर्यावरण को परीक्षण कर आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए। मुख्य सचिव ने प्राप्त समस्त आवेदन पर की जा रही कार्यवाही को www.mp.samadhan.org दर्ज करने के निर्देश भी दिए।

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