मॉल्स में निजी सुरक्षा कर्मी बेग तलाशी न लें

भोपाल, अप्रैल 2013/ प्रदेश के शॉपिंग मॉल्स में निजी सुरक्षा कर्मियों द्वारा आगन्तुकों के बेग की चेकिंग तभी हो जब मेटल डिटेक्टर पर ‘बीप ’ सुनाई दे। सुरक्षाकर्मी हाथ से नहीं स्केनिंग उपकरणों से जाँच करें। व्यक्तिगत तलाशी अत्यावश्यक होने पर पुलिस को सूचित करें। बिना फोटो पहचान-पत्र के गार्ड ड्यूटी न करें। आयोग ने निजी सुरक्षा एजेन्सियों को इस संबंध में सामान्य परिपत्र जारी किया है। यह जानकारी यहाँ श्रीमती उपमा राय की अध्यक्षता में राज्य महिला आयोग की नीतिगत बैठक में दी गई। बैठक में आयोग की सदस्यगण के अलावा अन्‍य वरिष्‍ठ अधिकारी मौजूद थे।

अध्यक्ष, राज्य महिला आयोग श्रीमती उपमा राय ने कहा कि आयोग अनुशंसा करता है कि निजी स्कूल शिक्षिकाओं को भी शासकीय स्कूलों की भाँति वेतन,भत्ते, स्वास्थ्य सुविधाएँ, ग्रेच्युटी, प्राविडेन्ट फंड आदि की सुविधाएँ दी जाये। प्रदेश के निजी स्कूल एडमिशन फॉर्म के लिए भी अलग से राशि वसूलते हैं जो 50 रुपये तक होनी चाहिए। अपराधों पर प्राथमिक स्तर पर ही रोक लगाने के लिए बच्चों को स्कूल ले जाने वाली वेन-बस आदि के ड्रायवरों को वाहनों में फिल्मी गाने बजाने, बच्चों को गोद में बिठाने और कुछ भी खिलाने के प्रतिबंधित किया जाए। सदस्य सुश्री कविता पाटीदार ने कहा कि परिवहन विभाग द्वारा महिला आरक्षकों की भर्ती के लिए पुरुषों के समान नियुक्ति मापदण्ड स्थापित किए गए हैं, जो ठीक नहीं है। महिला-पुरुष नियुक्ति के लिए शारीरिक मापदण्ड अलग-अलग निर्धारित हों। इसी तरह राज्य सेवा परीक्षा सहित दूसरे कुछ विभागों की परीक्षा में महिला से कम अंक प्राप्त करने वाले पुरुष को नियुक्ति दी गई जो नहीं होना चाहिए।

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