राजस्व के साथ ही व्यवसाय-हितैषी नीतियाँ जारी रहेंगी

भोपाल, फरवरी 2015/ वित्त एवं वाणिज्यिक कर मंत्री जयंत मलैया ने प्रदेश के व्यावसायिक संगठनों, कारोबारियों तथा कर सलाहकारों के साथ बजट-पूर्व संवाद किया। व्यापार-व्यवसाय को और अधिक सुगम तथा सुचारू बनाने के लिये सभी से सुझाव माँगे और उनकी दिक्कतों पर खुलकर चर्चा की। कहा कि राज्य सरकार राजस्व बढ़ाने के साथ ही व्यवसाय-हितैषी नीतियाँ जारी रखेगी। ऑनलाइन रिटर्न में आने वाली समस्याओं को भी शीघ्र दूर किया जायेगा। व्यवसाइयों के सुझाव पर वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य-स्तरीय वेट सलाहकार समिति की बैठकें पुन: शुरू की जायेंगी। संवाद में प्रमुख सचिव वाणिज्यिक कर मनोज श्रीवास्तव और वित्त सचिव मनीष रस्तोगी ने भी भाग लिया।

वित्त मंत्री ने कहा कि इलेक्टॉनिक रूप से एसेसमेंट भेजे जाने की सुविधा पर विचार किया जा रहा है। पाँच जिले में लागू की गई ई-रजिस्ट्रेशन व्यवस्था को अप्रैल से पूरे प्रदेश में लागू कर दिया जायेगा। ऑनलाइन ट्रेडिंग से सरकार और व्यापारियों को होने वाले नुकसान पर चर्चा के दौरान वित्त मंत्री ने व्यावसायिक संगठनों और कारोबारियों से इसे दूर करने के संबंध में सुझाव माँगे। उनके द्वारा दिये गये सुझावों पर वित्त मंत्री ने विचार करने का आश्वासन दिया। वित्त मंत्री ने कहा कि कारोबारियों को नोटिस ऑनलाइन भेजने की व्यवस्था भी की जायेगी। उन्होंन कहा कि भामाशाह पुरस्कार में शासकीय संस्थाओं के लिये अलग श्रेणी बनाने पर भी विचार चल रहा है।

व्यावसायिक संगठनों और कारोबारियों ने फार्म-49 के लिये लागू की गई ई-गतिमान योजना, लोहे पर कर 5 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत तथा अन्य व्यवसाय-हितैषी कदमों के लिये राज्य सरकार की सराहना की। व्यवसाइयों ने रिटर्न दाखिल करने में देरी पर लगाई जाने वाली पेनल्टी को कम करने और इसकी अधिकतम सीमा तय करने का सुझाव दिया। उन्होंने अपील बोर्ड में प्रकरणों के निराकरण में तेजी लाने और प्रकरण का निराकरण होने तक स्टे की अवधि जारी रखने का भी सुझाव दिया। यह भी सुझाव आया कि बिजनेस डेव्हलपमेंट सेल बनाया जाये। व्यवसाइयों ने सुझाव दिया कि वाणिज्यिक कर के विभागीय साफ्टवेयर से विभागीय गतिविधियों को अलग कर दिया जाये। साथ ही छोटे टर्नओवर वाले कारोबारियों को वार्षिक रिटर्न की सुविधा दी जाये।

कारोबारियों, व्यावसायिक संगठनों और कर सलाहकारों ने टैक्स कानूनों, नियमों तथा व्यवस्था में सुधार के लिये अनेक सुझाव दिये। वित्त मंत्री ने इन सुझावों को यथासंभव अमल में लाने का आश्वासन दिया।

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