राजीव सागर से निकली अमृत धारा, धान की फसल होगी बंपर

मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र राज्य की अन्तर्राज्यीय वृहद सिंचाई परियोजना राजीव सागर (बावनथड़ी) मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले के उन्नत धान की फसल उगाने वाले किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। राजीव सागर परियोजना के बांध का निर्माण मध्यप्रदेश नें किया है। बांध के निर्माण के पहले साल ही जल संग्रहण के पश्चात् किसानों को सिंचाई का लाभ मिलने लगा है। इससे मध्यप्रदेश के बालाघाट और महाराष्ट्र के भंडारा जिले लाभान्वित होंगे। धान की फसल के लिए विगत 23 अगस्त को पानी छोड़ा गया। राजीव सागर बांध से मध्यप्रदेश के 29 हजार 412 हेक्टेयर और महाराष्ट्र के 27 हजार 708 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई का लाभ मिलेगा।

प्रमुख अभियंता जल संसाधन श्री एम.जी.चौबे ने बताया है कि बालाघाट जिला उन्नत धान की फसल के लिए विख्यात है। धान की फसल को सितम्बर-अक्टूबर माह में पानी की आवश्यकता होती है। जल संसाधन विभाग ने किसानों की सुविधा के लिए 30 अगस्त को ही पानी उपलब्ध करवा दिया है। श्री चौबे बताया ने कि राजीव सागर बांध की नहर का वारासिवनी शाखा नहर से जुड़ाव एक महत्वपूर्ण कार्य है। 100 वर्ष पुरानी वारासिवनी नहर में जल प्रवाह क्षमता सीमित थी लेकिन राजीव सागर बांध से पानी की आवक मिलने से नहर की उपयोगिता बहुत बढ़ गई है।

धान उत्पादक क्षेत्र कटंगी, रायपायली, वारासिवनी और खैरलांजी क्षेत्र में समय पर और भरपूर पानी मिलने से धान की पैदावार में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है।

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