लोक सेवा प्रदाय विश्व की आदर्श व्यवस्था

भोपाल, फरवरी 2015/ मध्यप्रदेश ने निवेश की उत्सुक अमेरिकी कंपनियों और निवेशकों से चर्चा जारी रखते हुए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि मध्यप्रदेश में लोक सेवाओं के प्रदाय की जो व्यवस्था की गई है उसे संयुक्त राष्ट्र संघ ने दुनिया की सर्वश्रेष्ठ व्यवस्था माना है। ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी गणराज्य के एक राज्य द्वारा अपनाई गई व्यवस्था को पूरे विश्व की आदर्श व्यवस्था माना गया है।

न्यूयार्क में अमेरिका-भारत व्यापार परिषद् की बैठक में सम्बोधन के बाद निवेशकों से उनके प्रस्तावों पर चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि आर्थिक और कृषि क्षेत्रों में अभूतपूर्व वृद्धि हासिल करने के बाद अधोसंरचना और सड़क-रेल नेटवर्क का समग्र विकास प्रदेश का लक्ष्य है।

श्री चौहान ने निवेशकों के सामने प्रदेश की विशेषताएँ एवं उपलब्धियाँ रेखांकित करते हुए कहा कि अब भारत में अनिर्णय की स्थिति समाप्त हो गई है। आर्थिक उत्थान को समर्पित कार्यक्रम बन रहे हैं। मध्यप्रदेश को भी इसका लाभ मिलेगा। भारत की आर्थिक वृद्धि दर जल्दी ही तेजी से बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश में हर सेक्टर के लिये अलग नीति है जो निवेशकों के लिये अत्यंत अनुकूल है। निवेश का वातावरण साफ-सुथरा है। औद्योगिक शांति है। उन्होंने कहा कि किसानों को शून्य प्रतिशत ब्याज पर खेती के लिये ऋण दिया जा रहा है। उद्यमियों को प्रोत्साहित करने के लिये उन्हें सम्मानित किया जाता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्यप्रदेश को सामाजिक-आर्थिक एवं शैक्षणिक दृष्टि से प्रथम श्रेणी का राज्य बनाने का संकल्प उन्होंने लिया है। इसमें सभी के सहयोग की जरूरत है। उन्होंने कहा कि 2015 को पर्यटन वर्ष घोषित किया गया है। इस दौरान पर्यटन उद्योग को बढ़ावा दिया जायेगा। पर्यटन विकास के क्षेत्र में निवेश की भरपूर संभावनाएँ हैं। प्रदेश के प्राकृतिक और पुरातात्विक पर्यटन की ओर अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों का ध्यान आकर्षित किया जायेगा।

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