लोक सेवा सरकारी नौकरी नहीं मिशन है

भोपाल, अप्रैल 2015/ मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि लोक सेवक अपनी प्रतिभा़, प्रशासनिक क्षमता और नवाचार से व्यापक परिवर्तन ला सकते हैं। विकास के हर क्षेत्र में मध्यप्रदेश की प्रगति की पूरे देश में चर्चा है। यह लोक सेवकों की मेहनत का ही परिणाम है। श्री चौहान यहाँ समन्वय भवन में सिविल सर्विस दिवस समारोह को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक सेवा मात्र सरकारी नौकरी नहीं है, यह एक मिशन है। लोक सेवक अपने जुनून, प्रतिभा और प्रशासनिक दक्षता से चमत्कारिक काम कर सकते हैं। मुख्यमंत्री कन्यादान, लाड़ली लक्ष्मी योजना और लोक सेवा प्रदाय गारंटी कानून का उदाहरण देते हुए कहा कि विचारों को व्यापक जनहित में धरातल पर उतारने का काम कर्मठ और संवेदनशील लोक सेवक ही कर सकते हैं। प्रदेश के प्रतिबद्ध लोक सेवकों की वजह से ही प्रशासनिक नवाचारों में प्रदेश का पूरे देश में नाम है।

श्री चौहान ने लोक सेवकों का आव्हान किया कि वे लोगों के प्रति जिम्मेदारी के गहन बोध और संवेदनशीलता के साथ काम करे। जनहित में लिए जाने वाले निर्णयों में देर होना भी अपराध के समान है। निर्णय लेने में नेक इरादा होना चाहिए। जनहित में अपनी प्रतिभा का अधिकतम दोहन ही सच्चे अर्थों में जन सेवा है। लोक सेवाओं से जुड़े सभी सदस्यों से आग्रह किया कि वे इतिहास बनाने और नये कीर्तिमान गढ़ने के इरादे से कार्य करें। किसानों के लिए राज्य की किसान बीमा योजना के स्वरूप पर विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श करने के लिए 15 और 16 जून को कार्यशाला की जायेगी।

सामान्य प्रशासन राज्य मंत्री लाल सिंह आर्य ने कहा कि प्रदेश को बीमारू राज्य के दायरे से बाहर लाकर प्रगतिशील राज्य बनाने में राज्य के लोक सेवकों का योगदान महत्वपूर्ण है।

मुख्य सचिव अंटोनी डिसा ने सिविल सेवा दिवस मनाने के उद्देश्यों की चर्चा की। कहा कि जन सेवा की भावना के बिना प्रशासनिक क्षमता का कोई महत्व नहीं। पुलिस महानिदेशक सुरेन्द्र सिंह, आर.सी.पी.वी. नरोन्हा प्रशासन अकादमी के महानिदेशक इन्द्रनील शंकर दानी, महालेखाकार दीपक कपूर, प्रधान मुख्य वन संरक्षक अनिल ओबेराय और राज्य एवं केन्द्रीय सेवाओं एवं विभागों से जुड़े वरिष्ठ लोक सेवक उपस्थित थे। प्रमुख सचिव सामान्य प्रशासन के.सुरेश ने आभार व्यक्त किया।

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